हरदोई। अब बिना परिचय पत्र के जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में ब्लड देना मुश्किल होगा। अपनों को ब्लड देने के लिए तीमारदारों को अपने साथ एक आईडी प्रूफ लेकर आना होगा। उसको जमा करने के बाद ही खून दे सकेंगे।
स्वास्थ्य प्रशासन के आला अधिकारियों से कुछ लोगों ने शिकायत की कि ब्लड बैंक में रोगियाें को ब्लड देने के लिए कुछ डोनर लगातार ब्लड देने लगे हैं। एक-एक माह के अंतराल में उनके ब्लड देने से न सिर्फ उनके स्वास्थ्य पर फर्क पड़ता है, बल्कि जिनको उनका रक्त चढ़ाया जाता है, उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
स्वास्थ्य प्रशासन ने इस ओर कड़ा रुख अपनाया है। ब्लड बैंक के जिम्मेदारों ने स्पष्ट कह दिया कि ब्लड बैंक रक्त देने वाले के आईडी प्रूफ की एक कापी भी मांगेगा। ताकि कभी भी जरूरत पड़ने पर ब्लड देने वाला मुकर न सके। इस संबंध में लैब टेक्नीशियन मो. अकील खान ने बताया कि रक्तदाता आईडी अवश्य लाएं, ताकि उसको ब्लड बैंक के रिकार्ड में रखा जा सके।
यह कदम सही है। इससे यदि कहीं शिकायतें आती हैं तो उन पर विराम लगेगा और पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। इधर-उधर घूमने वाले तीमारदार बनकर ब्लड देने वालों में कमी आएगी। रोगियों को भी बेवजह इनके चंगुल में नहीं फंसना पड़ेगा। - डा. आरके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
अमर उजाला फाउंडेशन के कैंप के प्रमाण पत्र तैयार
हरदोई। 14 जून को ब्लड बैंक में लगे अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में रक्तदान शिविर के प्रमाण पत्र व डोनर कार्ड तैयार हो गए हैं। लैब टेक्नीशियन मो. अकील खान ने बताया कि 12 जुलाई से वह कार्य दिवस में ब्लड बैंक से प्राप्त कर सकते हैं।