क्षेत्र पंचायत की बैठक क ोरम पूरा न होने पर बीडीओ
ने स्थगित कर दी। इससे बैठक में भाग लेने आए महिला बीडीसी सदस्यों के
प्रतिनिधि खफा हो गए। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर पर है,ं ऐसे में उनकी
उपस्थिति सदन में मानी जाए, पर बीडीओे ने एक न सुनी।
मामला तूल पकड़ते
देख कोतवाली पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। विवाद बढ़ने की स्थिति देख
ब्लाक प्रमुख रमकोरा के निर्देश पर बैठक स्थगित कर अगली बैठक जल्द बुलाने
का निर्णय लिया गया। ज्ञात हो कि क्षेत्र पंचायत की पिछली बैठक में ब्लाक
प्रमुख रमकोरा ने अपनी बीमारी का पत्र लगाकर बैठक को स्थगित करने का आग्रह
किया था, जिस पर बीडीओ ने बैठक स्थगित कर 4 जून का एजेंडा जारी कर पुन:
बैठक बुलाई।
गुरुवार को निर्धारित समय पर शुरू हुई बैठक का संचालन करते
हुए बीडीओ सुखेंद्र शुक्ला ने कहा कि 87 बीडीसी सदस्य उपस्थिति रजिस्टर पर
अपने नाम के सामने हस्ताक्षर करें, पर जब रजिस्टर पर महिला बीडीसी सदस्यों
के प्रतिनिधि पति और पुत्र हस्ताक्षर करने लगे तो बीडीओ ने आपत्ति जताते
हुए कहा कि जो निर्वाचित प्रतिनिधि बैठक के लिए अधिकृत हैं, वह ही कोरम
पूरा करें।
बीडीओ के इस निर्देश पर मौजूद प्रतिनिधि आपत्ति जताते हुए
हंगामा करने लगे। इस पर बीडीओ ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर फोर्स बुलवा
ली। बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि बैठक के लिए 87 बीडीसी सदस्य अधिकृत हैं और
कोरम के लिए कम से कम 44 सदस्य होने चाहिए, यह संख्या न होने पर बीडीओ ने
बैठक को स्थगित करने की घोषणा की।
बाद में बीडीओ ने बताया क्षेत्र पंचायत
की बैठक में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, सांसद आदि आमंत्रित किए
जाते हैं, पर उनसे कोरम नहीं पूरा होता है। बैठक को बीडीसी सदस्य ही कोरम
पूरा करने को अधिकृत हैं। बैठक में जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल, प्रधान
अजीज खां, प्रधान रमेश यादव, हरिशंकर आदि मौजूद थे।