हरदोई। बेनीगंज क्षेत्र के बाने गांव में शनिवार सुबह ट्यूशन फीस न भर पाने से दुखी बारहवीं के छात्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। दलित बिरादरी के इस मेधावी छात्र के पिता परिवार चलाने के लिए कानपुर शहर में रिक्शा चलाते हैं।
बेनीगंज क ोतवाली क्षेत्र के बाने गांव निवासी सत्य प्रकाश के नाम चार बीघा जमीन है। उसका बड़ा बेटा नीरज (22) बीएससी फाइनल और छोटा बेटा रोशन (17) बारहवीं में है। बेटी कक्षा दस में पढ़ती है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और परिवार का भरण पोषण करने के लिए सत्यप्रकाश कानपुर शहर में रिक्शा चलाता है।
कुछ महीनों से सत्य प्रकाश की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी। इससे वह रोशन की स्कूल और ट्यूशन की फीस नहीं दे पा रहा था। अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित रोशन ने शनिवार को घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक छात्र की हालत में सुधार है।
जिला अस्पताल में भर्ती छात्र रोशन ने बताया कि फीस न जमा करने के कारण वह ट्यूशन नहीं पढ़ पा रहा था। दसवीं में 60 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले रोशन को चार साल से वजीफा नहीं मिला है। उसने बताया कि कक्षा नौ से बारहवीं तक हर बार वजीफा के लिए आनलाइन आवेदन किया।
एक बार भी उसे वजीफा नहीं मिला। आर्थिक स्थिति खराब होने पर पिता उसके कमरे का खर्च और ट्यूशन की फीश नहीं दे पा रहे थे। इस संबंध में डीआईओएस कमलाकर पांडेय का कहना है कि इस बार अभी तक किसी की छात्रवृत्ति नहीं आई है। पिछले वर्षों में वजीफा क्यों नहीं मिला शिकायत मिलने पर इसे दिखवाएंगे।