मल्लावां। राघौपुर में विद्युत उपकेंद्र निर्माण को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। उपकेंद्र के निर्माण पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभाग ने उपकेंद्र निर्माण को साल 2020-21 के बिजनेस प्लान में शामिल किए जाने व वित्तीय अनुमनोदन जारी किए जाने का प्रस्ताव भी एमवीएनएल भेज दिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और 2021 तक उपकेंद्र बन जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस केंद्र से 100 से ज्यादा गांवों को लाभ होगा।
मल्लावां क्षेत्र में अभी तक दो उपकेंद्र, मल्लावां व गोसवां संचालित हैं। इन दोनों उपकेंद्रों से क्षेत्र के छोटे बड़े कुल 350 से 400 गांव को आपूर्ति दी जाती है। क्षेत्र काफी बड़ा है, इसका अधिकांश हिस्सा अभी तक मल्लावां स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र से ही चलता है। क्षेत्र बड़ा होने के कारण आए दिन लोकल फॉल्ट व लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इसका संज्ञान लेते हुए कुछ माह पूर्व ही विधायक आशीष सिंह आशू ने क्षेत्र के ग्राम राघौपुर में नया उपकेंद्र बनवाए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा था।
विधायक की पहल पर बिजली विभाग की ओर से उपकेंद्र के निर्माण का प्रस्ताव शासन भेजने व उसे अनुमति मिलने बाद भूमि के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। जुलाई में शासन ने उपकेंद्र के निर्माण को स्वीकृति देते हुए इसके लिए आवश्यक कार्रवाई पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए थे। इधर जून में ग्राम पंचायत के सहयोग से राघौपुर में उपकेंद्र निर्माण के लिए भूमि का चयन कर उसके अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इससे इतर कुछ दिन पहले ही शक्ति भवन (बिजली विभाग मुख्यालय) ने उपकेंद्र के निर्माण को तकनीकी स्वीकृति दे दी है।
साथ ही मुख्य अभियंता वितरण लखनऊ क्षेत्र ने उपकेंद्र के निर्माण के प्रस्ताव को बिजनेस प्लॉन वर्ष 2020-21 में शामिल करने व निर्माण लागत के वित्तीय अनुमोदन का प्रस्ताव मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तकनीकी निदेशक को भेज दिया है।
ये गांव होंगे लाभान्वित
मल्लावां विद्युत उपकेंद्र के जेई कमल किशोर ने बताया कि राघौपुर में प्रस्तावित उपकेंद्र के निर्माण के बाद उससे क्षेत्र के मढिय़ा, हर्रैया, सिरसैया, एकघरा, कुतुवापुर, शाहपुर पवार, शाहबगंज, मगरहा, महिमपुर, नरायनमऊ, ठठिया, मोहब्बतपुर, गढ़ी, बेलहरा, मटियामऊ, हरपुरा, इसरापुर, बाबटमऊ, हजरतपुर, बेरिया, रामपुर, तुरवाकुल्ली व फत्तेपुर समेत 100 से अधिक गांव को संबद्ध किए जाने की योजना है। इससे मल्लावां उपकेंद्र का भार काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही संबंधित क्षेत्र के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी।
क्षेत्र बड़ा होने के कारण होती है परेशानी
मल्लावां। मल्लावां स्थित उपकेंद्र से वर्तमान समय में ढाईं से तीन सौ गांव संबद्ध हैं। मल्लावां के सिरे पर स्थित ग्राम शाहपुर पवांर की कस्बा/उपकेंद्र से दूरी लगभग 25 किलोमीटर व दूसरे सिरे पर स्थित ग्राम तेरवा कुल्ली आदि की दूरी भी लगभग 24-25 किलोमीटर है। लाइन की लंबाई अधिक होने के कारण दूर दराज के क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। वहीं लोकल फॉल्ट होने की स्थिति में कर्मचारी भी दूसरे दिन ही फॉल्ट सही करने के लिए इन क्षेत्रों में पहुंच पाते हैं। इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- क्षेत्र के लोगों को सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं दिलाना पहली प्राथमिकता है। मुख्यालय से उपकेंद्र के निर्माण को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही वित्तीय अनुमोदन भी दिलाया जाएगा, इसको लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्र में उपकेंद्र का निर्माण होने से एक बड़ी आबादी इससे लाभांवित होगी।
आशीष सिंह आशू
विधायक, बिलग्राम मल्लावां, हरदोई
- उपकेंद्र के निर्माण को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से वित्तीय अनुमोदन मिलना शेष रह गया है। उम्मीद है, जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। प्रयास है कि अनुमति मिलने के बाद वर्ष 2021 में इसका निर्माण का पूरा करा लिया जाए।
एनके मिश्रा
अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग हरदोई