हरदोई। बिजली के वर्टिकल व्यवस्था में सोलर सिस्टम को नेट मीटर से चालू करने में गड़बड़ चल रहे हैं। नेट मीटर लगाने के बावजूद सोलर यूनिट गिनी नहीं जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को पूरी यूनिट का बिजली बिल देना पड़ रहा है। इस कारण उपभोक्ता विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
केस-1
शहर के कृष्ण नगरिया निवासी राजपाल के यहां सोलर लगा हुआ है। वहां पर नेट मीटर भी लग गया परंतु उससे जो रीडिंग आ रही है वह बिजली बिल में कम नहीं हो रही। उपभोक्ता विभाग के चक्कर काट रहा है मगर उसका समाधान नहीं हो पा रहा है।
केस-2
शहर के आवास विकास में राम किशोरी के यहां पर सोलर लगा हुआ है। वहां पर स्मार्ट को नेट मीटर में बदल दिया गया है मगर सोलर से तैयार यूनिट मीटर में कम नहीं हो रही है। उपभोक्ता दो माह से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं मगर उसका निदान नहीं हो सका।
केस -3
साल भर पहले लगा नेट मीटर, अब तक फीड नहीं
शहर के अशराफ टोला निवासी आशीष कुमार ने बताया कि बिजली कनेक्शन पर अगस्त 2025 को नेट मीटर लगवाया था। यह अभी तक बिजली बिल में फीड नहीं हुआ। उन्होंने 1912 पर कई शिकायतें कीं जो समाधान के बिना बंद कर दी गईं। अब मनमाने ढंग से बिल में 100-130 यूनिट बिजली उपभोग दर्शाया जा रहा है।
शहर से लेकर गांव तक सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। जिले में पांच हजार उपभोक्ताओं के यहां पैनल लग चुके हैं। सोलर पैनल लगने से पुराने मीटरों पर नेट मीटर लगाया जा रहा है और जहां पर स्मार्ट मीटर लगे हैं उनको नेट मीटर में बदला जा रहा है। विभाग की यह प्रक्रिया बहुत आसान लगती है मगर हकीकत में इसको पूरा करने में महीनों लग जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं मगर उनका निदान नहीं हो पा रहा है और उनको सोलर के बावजूद पूरी यूनिट का बिल देना पड़ रहा है।
सोलर पैनल लगे उपभोक्ताओं के यहां पर नेट मीटर लगाकर उसको यूनिट में जोड़ा जा रहा है। जिस भी उपभोक्ता की शिकायत आ रही है। उसका निदान कराया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से समस्या है तो उसे कार्यदायी संस्था के माध्यम से हल करा दिया जाएगा। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता