फोटो 25: 25 अप्रैल के अंक में प्रकाशित खबर।
हरदोई। ग्राम पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज पर गेटवे पोर्टल के बाहर से भुगतान को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पंचायतीराज निदेशालय ने नाराजगी जाहिर की है। डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों की मनमानी पर अंकुश और निगरानी में लापरवाही पर तीन सहायक विकास अधिकारी पंचायत से जवाब तलब किया है।
गांवों के विकास और खरीदारी के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से मिलने वाले रुपयों के खर्च का हिसाब-किताब रखना होता है। विभाग ने इसके लिए ई-ग्राम स्वराज पर गेटवे पोर्टल दिया है। पोर्टल को कंप्यूटर पर संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिवालय से मैप्ड किया गया है। इससे इसके अतिरिक्त दूसरे स्थान से किए जाने वाले भुगतान गेटवे के बाहर प्रदर्शित होने लगते हैं और मिसमैच की श्रेणी में चले जाते हैं। गेटवे पोर्टल के बाहर से किए गए भुगतान से जुड़ी खबर
अमर उजाला ने 25 अप्रैल के अंक में ‘सचिवों की मनमानी, 30 लाख का गेटवे के बाहर से भुगतान’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का अधिकारियों ने संज्ञान लिया।
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने गेटवे के बाहर से किए जाने वाले और मिसमैच भुगतान पर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने विकास खंड अहिरोरी, बावन और भरावन के सहायक विकास अधिकारी पंचायत से जवाब तलब किया है। तीन दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगे हैं। बताया कि मिसमैच भुगतान पर अहिरोरी की ग्राम पंचायत गोपार के ग्राम विकास अधिकारी कृपाल सिंह, भरावन की ग्राम पंचायत छावन के ग्राम विकास अधिकारी सुशील पाल, बावन की ग्राम पंचायत बाजपुर नकटौरा के ग्राम विकास अधिकारी गौरव जगदीश मिश्र की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से बाधित किए जाने की संस्तुति डीडीओ से की है। वहीं भरावन की ग्राम पंचायत इंटौजा शिवपुरी की ग्राम पंचायत अधिकारी निधि यादव और टड़ियावां की ग्राम पंचायत अधिकारी पूनमराज वर्मा और अर्चना पाठक की एक-एक अस्थायी वेतन वृद्धि पर रोक भी लगा दी है।