संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों के पानी से गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी में आई बाढ़ से तहसील बिलग्राम और सवायजपुर के गांवों में हालात बिगड़ने लगे हैं। गुरुवार को हरपालपुर क्षेत्र में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। एनडीआरएफ ने हरपालपुर और एसडीआरएफ ने बड़ागांव में अपना कैंप स्थल बनाया है। टीमों ने नाव व मोटरबोट के माध्यम से गुरुवार से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। टीमें आज से (शुक्रवार) राहत और बचाव कार्य शुरू करेंगी।
बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। गुरुवार को गंगा व रामगंगा नदी में चार लाख 83, 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार, बिजनौर व नरौरा बैराज से 4,44,294 क्यूसेक व रामगंगा नदी में खो, हरेबली व रामनगर बैराज से 39,106 क्यूसेक पानी शामिल है। बैराजों के पानी से आई बाढ़ से तहसील बिलग्राम क्षेत्र में 24 और सवायजपुर क्षेत्र में 45 गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गए हैं।
कई दिनों से इन गांवों में अंदर व चारों ओर पानी होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के घरों में राशन सामग्री, आटा, सब्जी आदि भी नहीं बचा है। लोगों को रात में अंधेरे में गुजरानी पड़ रही हैं।
हरपालपुर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की यूनिट को बुला लिया गया है। हरपालपुर क्षेत्र में खद्दीपुर-बेहथर मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया बाढ़ के पानी से कट गई है, इससे करीब एक दर्जन गांवों का थाना अरवल से संपर्क कट गया है। बारामऊ, टिलियापुर आदि गांवों में पानी भरने के साथ ही पशु आश्रय स्थलों में भी घुस गया है।
इससे संरक्षित मवेशियों को भी चारे-दाने की समस्या हो गई। बिलग्राम क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी गांवों और घरों तक बना हुआ है। एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि बाढ़ की जानकारी शासन को भी दी जा रही है। राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू कराने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को बुलाया गया है।
सात मोटरबोट व तीन नाव से होगा राहत बचाव कार्य
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर दीपक कुमार कमालिया व एसडीआरएफ के मेजर लीडर अभिनव कुमार के नेतृत्व में टीमों ने यहां पर काम शुरू किया है। इंस्पेक्टर दीपक कुमार कमालिया ने बताया कि उनकी टीम में 20 सदस्य है और चार मोटरबोट के माध्यम से राहत बचाव काम कराया जाएगा। मेजर लीडर अभिनव कुमार ने बताया कि तीन मोटरबोट व तीन नाव से 16 सदस्यीय टीम राहत-बचाव काम करेगी। अर्जनपुर के पास कटी सड़क को दुरूस्त किए जाने का भी प्रयास किया जाएगा।
गंगा पांच सेंटीमीटर कम, गर्रा 40 सेमी. बढ़ी
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां की नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गुरुवार को गंगा नदी के पानी में पांच सेंटीमीटर (सेमी.) कमी आई और पानी खतरे के निशान से 25 सेमी. ऊपर 137.35 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी आई और पानी 136.20 मीटर पर आ गया है। गर्रा नदी के पानी में 40 सेमी. की वृद्धि हुई और पानी 135.40 मीटर पर पहुंच गया है।