शारदीय नवरात्र एक अक्तूबर से प्रारंभ हो रहे हैं। 10 दिन मां के जयकारे सुनाई देंगे। शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के पहले दिन शनिवार को घट स्थापना की जाएगी। एक अक्तूबर से शुरू हुए नवरात्र की अष्टमी नौ अक्तूबर व नवमी 10 अक्तूबर को मनाई जाएगी।
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि पहले दिन माता दुर्गा की प्रतिमा तथा घट यानी कलश की स्थापना की जाती है। इसके बाद ही नवरात्र के उत्सव का प्रारंभ होता है। पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं बोएं। फिर उनके ऊपर अपनी शक्ति के अनुसार बनवाए गए सोने, तांबे व मिट्टी के कलश को विधिपूर्वक स्थापित करें। कलश के ऊपर सोना, चांदी, तांबा, मिट्टी, पत्थर या चित्रमयी मूर्ति की प्रतिष्ठा करने का विधान है।
मूर्ति यदि कच्ची मिट्टी, कागज या सिंदूर आदि से बनी हो और स्नानादि से उसमें विकृति आने की आशंका हो तो उसके ऊपर शीशा लगा दें। मूर्ति न हो तो कलश के पीछे स्वास्तिक व उसके दोनों कोनों में दुर्गाजी का चित्र पुस्तक व शालग्राम को विराजित कर भगवान विष्णु का पूजन कर दें। पूजन सात्विक हो, राजस या तामसिक नहीं, इस बात का विशेष ध्यान रखे।
स्वास्तिक वाचन शांतिपाठ कर संकल्प जरूर लें
सुनील शास्त्री ने बताया कि नवरात्रि व्रत के आरंभ में स्वास्तिक वाचन शांतिपाठ करके संकल्प करें और सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश की पूजा कर विधि विधान से पूजन अर्चन करें। फिर मुख्य मूर्ति का षोडशोपचार पूजन करें। दुर्गा देवी की आराधना अनुष्ठान में महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती का पूजन व श्री दुर्गा सप्तमी का नियमित रूप से पाठ करें।
नगर पालिका क्षेत्र में लोगाें को मिलेगा भरपूर पानी
हरदोई। नगर पालिका अध्यक्ष मीना अग्रवाल ने बताया कि नवरात्र पर्व पर पेयजलापूर्ति के समय में आंशिक फेरबदल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे से छह बजे तक सीधी पंपों से जलापूर्ति कराई जाएगी। उसके बाद छह से साढ़े आठ बजे तक अवर जलाशयों व सीधे पंपों से आपूर्ति होगी। दोपहर को सीधे तीन नलकू पों से विद्युत आपूर्ति तक एवं शाम को छह बजे से साए़े आठ बजे तक आपूर्ति की जाएगी।