पिहानी (हरदोई)। उमस भरी गरमी में धोबिया आश्रम के खूबसूरत नजारे लोगों को आकर्षित रहे हैं। दोपहर में पिकनिक पार्टियां शुरू हो गई हैं। आश्रम के चारों ओर कई किमी तक फैले जंगल की शांति और कल-कल करता प्राकृतिक जल स्रोत दिलोदिमाग को तरोताज़ा करता है।
पिहानी कस्बे से लगभग सात किलोमीटर पूरब स्थित तपोवन सिद्धाश्रम का अपना महत्व है। मान्यता है कि चौरासी हजार वैष्णवों ने नैमिषारण्य के आसपास तपस्या की थी, जिसकी परिधि मेें यह आश्रम भी आता है। आश्रम से उत्तर पूरब दिशा में प्राकृतिक जल स्रोत है, जो यहां आने-जाने वालोें के लिए आकर्षण का खास केंद्र हो जाता है। धोबिया आश्रम से सटा घना जंगल और थोड़ी दूरी पर बहने वाली गोमती नदी यहां के माहौल को और सुरम्य बनाते हैं। इन दिनों आश्रम पर पिकनिक मनाने के लिए दिन भर पर्यटकों की टोलियों का आना-जाना लगा रहता है। बताया जाता है कि वर्षों पहले कई प्राकृतिक जल स्रोत थे, जो कि देखरेख के अभाव में बंद हो गए हैं।
एक जल स्रोत अभी भी आश्रम की सुंदरता को बनाए हुए है। यहां लंबे समय तक देखरेख करने वाले नेपाली बाबा ने आश्रम में ही एक स्थान पर समाधि ले ली थी। आज भी उनके समाधि स्थल के दर्शन किए बगैर लोग वापस नहीं जाते। क्षेत्र के इस सुंदर पर्यटन स्थल को प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। अब तक जीर्णोद्धार नहीं कराया गया है।