भरावन/संडीला। राजस्व कर्मियों और भाजपा नेता के बीच हुए विवाद में अतरौली के प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। नायब तहसीलदार का भी तबादला कर दिया गया है। उधर, दूसरी ओर भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संडीला लेखपाल संघ ने कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया और तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। लेखपाल संघ ने एक ज्ञापन भी एसडीएम संडीला को दिया।
अतरौली निवासी धीरेंद्र सिंह तोमर भाजपा के अतरौली मंडल के अध्यक्ष हैं। बीती 25 जुलाई को उनके खेत से यूकेलिप्टस के कुछ पेड़ काटने को लेकर पड़ोसी से विवाद हो गया था। इसकी शिकायत उन्होंने राजस्व अधिकारियों से की थी।
गुरुवार को लेखपाल रामानुज मिश्र मामले की जांच के लिए गए थे। रामानुज का आरोप है कि इसी दौरान भाजपा नेता ने सहयोगियों के साथ उनकी पिटाई कर दी और घसीटते हुए थाने ले गए। घटना की जानकारी पर नायब तहसीलदार यशवंत भी थाने पहुंचे। रामानुज की तहरीर पर भाजपा नेता और उसके साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
दूसरी ओर भाजपा नेता धीरेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने थाने में ही उसे तमाचा मार दिया। अन्य लेखपालों ने भी अभद्रता की। राजस्व कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर भाजपा नेता थाने में ही धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने नायब तहसीलदार यशवंत, लेखपाल रामानुज और 25 अज्ञात लेखपालों पर मामला दर्ज कर लिया था।
देर रात इस मामले में डीएम एमपी सिंह ने नायब तहसीलदार यशवंत का तबादला सवायजपुर तहसील कर दिया। एसपी राजेश द्विवेदी ने प्रभारी निरीक्षक राजदेव मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद भाजपाई शांत हुए, लेकिन राजस्वकर्मी भड़क गए।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की संडीला इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रीतेश यादव के नेतृत्व में सभी लेखपाल नई तहसील परिसर में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। कार्य बहिष्कार कर दिया। एसडीएम तान्या सिंह को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि नायब तहसीलदार और लेखपालों पर दर्ज एफआईआर वापस की जाए और भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की जाए। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, कुलदीप वर्मा, सुजीत सिंह आदि मौजूद रहे।