पिहानी (हरदोई)। तपिश बढ़ने के साथ ही भूगर्भ जल की सतह तेजी से खिसक रही है। इससे नलोें के हलक भी सूखने लगे हैं। अप्रैल आते-आते तालाब और नदी-नाले भी सूख चुके हैं। इस तरह से क्षेत्र में जबरदस्त पेयजल किल्लत से इंसान-जानवर सब हलाकान हैं। जल निगम ने रिबोर नलों की बहुत पहले भेजी गई सूची पर गौर नहीं किया। अभी भी प्रमुख स्थलों पर सरकारी ठूंठ बने हुए हैं।
क्षेत्र से गुजरी शारदा नहर में एक माह से उड़ती रेत गन्ना किसानों का मुंह चिढ़ा रही है। सई नदी पूरी तरह से सूख गई। क्षेत्र भर में ज्यादातर तालाब की सतह भी सूखी हुई है। भूगर्भ जल की सतह तेजी से खिसक रही है, जिसके नतीजे में घरों से लेकर बाहरी नलों में भी पानी कम होता जा रहा है।
जल निगम को 11 रिबोर योग्य नलों की सूची बहुत पहले ही भेजी गई थी, लेकिन अब तक सूची का एक भी नल रिबोर नहीं हुआ। बाजार इस्लामगंज में हजारों लोग आते हैं, लेकिन यहां पेयजल का कोई संसाधन नहीं है। पूर्व में लगाए गए नलों में गंदा पानी आ रहा है। मस्जिद इस्लामगंज के सामने वाला नल सूख गया है। इसे रिबार कराने के लिए सूची में भेजा गया है। दो वर्ष से सूखे इस नल को लोग ठूंठ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यही स्थिति कई प्रमुख स्थानों की है। पानी की टंकी आधी आबादी को भी पानी पिला पाने में नाकाम है। वजह आधे से ज्यादा कस्बे मेें पेयजल पाइप लाइन नहीं डाली गई है। इंसान- जानवर सब पानी को तरस रहे हैं।
नहर में भी पानी नहीं
नीलगायों के साथ दूसरे जंगली जानवरों को भी गरमी में पानी की तलाश में कई- कई किमी भटकते देखा जा सकता है। क्षेत्रवासियों ने शारदा नहर के साथ ही सई नदी में भी पानी छोड़े जाने व सूखे नलों को शीघ्र रिबोर कराए जाने की मांग की है।
रिबोर नलों के लिए बार-बार जल निगम को लिखा जा चुका है। जल संकट से निपटने के लिए दिन में तीन बार समय बढ़ा कर पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। रह गए मोहल्लों मेें पाइप लाइन डलवाई जा रही है। जल निगम का सर्वे जारी है। कस्बे को पेयजल आपूर्ति को एक पानी टंकी और पांच ट्यूबवेल बनाए जाएंगे। पूरे कस्बे में पेयजल लाइन पड़ेगी। - डा. सईद खां , चेयरमैन, नगर पालिका पिहानी