ब्लाक के प्राइमरी स्कूल महरी द्वितीय व जूनियर स्कूल सेमराकला में गुरुवार को मटर की दाल में कीड़े निकलने पर बच्चों ने खाना खाने इंकार कर दिया और दाल फेंक दी। बच्चों व अभिभावकों के विरोध के बाद प्रधानाध्यापक ने भी दाल फिंकवा दी। अभिभावकों की शिकायत के बाद बीईओ मुख्यालय के निर्देश पर एबीआरसी व उनकी टीम मौके पर पहुंची। बीईओ ने कहा कि मामला गंभीर है जांच रिपोर्ट के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ब्लाक के जूनियर स्कूल में गुरुवार को प्राइमरी स्कूल महरी द्वितीय का भी खाना बनवाया जा रहा था। जूनियर स्कूल में पंजीकृत 76 में से 50 बच्चे उपस्थित थे। जबकि प्राइमरी स्कूल में 140 में से 86 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। रसोइया मंजू व सावित्री ने दाल में कीड़े होने की बात जूनियर स्कूल के प्रधानाध्यापक यमुना प्रसाद को बताई। इसके बावजूद प्रधानाध्यापक ने रसोइया को दाल बनाने का आदेश दिया।
रसोइया ने बच्चों को दाल व रोटी दी। दाल में कीड़े ऊपर आने पर लक्ष्मी, सतीश, अंजली, अमित, सुमित, मोहनी, सूरज, प्रियंका, शिवा, नितिन, अंजली, सचिन, कमला, मंजू व जयश्री आदि बच्चों ने खाना फेंक दिया। गांव के राजकुमार और खुशीराम मौके पर पहुंच गए उन्होंने मटर की दाल में कीड़े होने का विरोध करते हुए प्रधानाध्यापक से दाल फेंकने को कहा। अभिभावकों के विरोध पर प्रधानाध्यापक ने दाल फेंक दी।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि दाल फेंकने के बाद इसके स्थान पर दोबारा सब्जी बनवाकर बच्चों का खाना खिलवाया गया। बच्चों ने बताया कि दाल में कीड़े निकलने पर खाना नहीं खिलाया गया। स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामपाल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अभिभावकों की शिकायत सुनी। अभिभावकों ने इसकी शिकायत बीएसए सेे की। बीएसए ने बीईओ मुख्यालय को मामले की जांच के आदेश दिए। बीईओ मुख्यालय आरपी त्रिपाठी ने बताया कि कछौना के एबीआरसी रामशंकर कनौजिया व ललित कुमार मौके पर पहुंच गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। बीईओ कछौना धर्मेंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मर्दाननगर की घटना के बाद शिक्षकों ने नहीं लिया सबक
पिछले माह टड़ियावां के मर्दाननगर के प्राथमिक स्कूल में सोयाबीन की सब्जी में कीड़े निकलने की घटना के बाद शिक्षकों ने सबक नहीं लिया है। स्कूल में एमडीएम बनवाने में लापरवाही बरती जा रही है। इस घटना में डीएम ने लापरवाही बरतने पर प्रधानाध्यापक व एनपीआरसी को निलंबित कर दिया था। साथ ही खंड शिक्षाधिकारी टड़ियावां को प्रतिकूल प्रविष्टि दी थी।