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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में मिलेगी एमआरआई जांच की सुविधा

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फोटो- 01- मेडिकल कॉलेज में रेडियोलाॅजी विभाग का निर्माणाधीन  भवन। संवाद
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हरदोई। जिले के मरीजों को स्थानीय मेडिकल कॉलेज एक बड़ी राहत देने जा रहा है। पूरे शरीर की सबसे विश्वसनीय जांच एमआरआई की सुविधा जल्द ही मेडिकल कॉलेज में शुरू होने जा रही है। एमआरआई मशीन की स्थापना को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मशीन लगाने के लिए यूपी मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) ने फिलिप्स हेल्थ केयर को टेंडर दे दिया है। एमआरआई जांच शुरू होने से मरीजों को महानगरों में नहीं जाना होगा और उन्हें निशुल्क जांच की सुविधा यहीं पर उपलब्ध हो जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांच की सुविधा तो हैं लेकिन एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। निजी स्तर पर भी एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को लखनऊ और कानपुर की ओर रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के सामने आर्थिक संकट होने के चलते मस्तिष्क की सभी जांच, रीढ़ की हड्डी, जोड़ और हड्डियों की जांच, पेट, लिवर ट्यूमर, किडनी, पैंक्रियाज, आंतों की बीमारी, पित्त की नली, कैंसर, नसों और टिश्यू आदि की जांच वह नहीं करवा पाते हैं। इसी समस्या का समाधान अब जिले में हो सकेगा। एमआरआई मशीन के लिए शासन से प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद यूपीएमएससीएल ने फिलिप्स हेल्थ केयर को भी टेंडर दे दिया। सोमवार को संबंधित कंपनी की टीम मेडिकल कॉलेज का साइट विजिट कर मशीन स्थापना के लिए स्थान का चयन और तकनीकी मुआयना करेगी।

लगेगी 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन लगाने के लिए फिलिप्स हेल्थकेयर कंपनी को प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की टीम जल्द मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मशीन लगाने की जगह, भवन की संरचना, बिजली व्यवस्था समेत अन्य तकनीकी जरूरतों का जायजा लेगी। बताया जा रहा है यह मशीन करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की है। कंपनी साइट विजिट के बाद स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
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करीब 50 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
जिले की करीब 50 लाख की आबादी को इस सुविधा का सीधा लाभ मिल सकेगा। गंभीर बीमारियों और दुर्घटना के मामलों में मरीजों को एमआरआई जांच के लिए बाहर रेफर करने की जरूरत कम होगी। इससे इलाज में समय की बचत होने के साथ मरीज और तीमारदारों की परेशानी भी कम होगी।

रोज 12-15 मरीजों को है एमआरआई जांच की जरूरत
मेडिकल कॉलेज में संचालित विभिन्न विभागों में आने वाले मरीजों में से रोजाना 12-15 मरीजों को एमआरआई जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन मरीजों को जांच के लिए लखनऊ व कानपुर जाना पड़ता है। जांच सुविधा शुरू होने से प्रतिमाह 400 से 450 मरीजों को जांच की सुविधा मिल सकेगी।

यह होंगी एमआरआई जांच
मस्तिष्क की सभी जांच
रीढ़ की हड्डी व हड्डियों की जांच
मांसपेशियों की जांच
ट्यूमर व शरीर के अंदरूनी अंगों की जांच
पेट की जांच


मरीजों को एमआरआई जांच के लिए बाहर न जान पड़े इसके लिए मेडिकल कॉलेज में ही सुविधा शुरू कराई जा रही है। कार्यदायी संस्था की तरफ से साइट विजिट किया जाएगा। इसके बाद स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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