हरदोई। सरकारी विद्यालयों में समावेशी शिक्षा में विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में शिक्षक उदासीन हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में तैनात आधे से अधिक शिक्षकों ने दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने की न तो बुनियादी बारीकियां सीखीं न ही उन्हें ब्रेल लिपि का ज्ञान प्राप्त है। लक्ष्य के सापेक्ष आधे शिक्षकों ने ही प्रशिक्षण वीडियो देखे हैं।
सरकार की ओर से हर साल दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कवायद की जाती है। इस बार भी शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए पोर्टल पर वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। जिले के 28,038 शिक्षकों को प्रशस्ति पोर्टल पर मौजूद दिव्यांग बच्चों के प्रशिक्षण के लिए वीडियो देखने थे ताकि विद्यालय में यदि किसी दिव्यांग बच्चे का प्रवेश होता है तो वह उनकी भाषा व इशारों को समझ सके।
इसके लिए सभी शिक्षकों को जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक की ओर से निर्देश जारी किए गए थे। शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों के विषय में जानकारी प्राप्त करनी थी मगर जनपद में सिर्फ 14,896 शिक्षकों की ओर से प्रशिक्षण वीडियो देखे गए। जिला समन्वयक डाॅ. अभय जैन ने बताया कि सभी प्रधानाचार्य, शिक्षक व कर्मचारियों को भी वीडियो देखने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से पत्र भेजा गया है। प्रधानाचार्यों को इस संबंध में पुन: निर्देशित किया गया है।