सब कुछ ठीक रहा तो आपको परेशान करने वाले आधे उत्पाती गिरफ्त में होंगे। वन विभाग के सर्वे के आंकड़ों की मानें तो जंगलों को छोड़ शहर में आने वाले दो हजार से अधिक बंदर घरों की छतों पर उत्पात मचा रहे हैं।
उनमें आठ सौ बंदर कटखने श्रेणी में हैं जो लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नगर पालिका सदर को इनमें से 400 बंदरों को पकड़ने की अनुमति दे दी गई है। इनके पकड़े जाने के बाद भी शहरवासियों को आधी-अधूरी राहत ही मिलेगी।
कुछ दिनों पहले नगर पालिका ने शहर वासियों को इन बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए पहल करते हुए वन विभाग को पत्र जारी कर उनसे बंदरों को पकड़ने की अनुमति मांगी थी।
जिसके बाद डीएफओ अतुल अस्थाना ने अपने रेंज अधिकारियों से सर्वे कराया जिसमें पाया कि शहर की आबादी के बीच पेड़ों व छतों आदि पर जो बंदर विचरण कर रहे हैं उनकी संख्या दो हजार से अधिक है।
इनमें आठ सौ बंदर ऐसे हैं जो खूंखार व कटखने हैं जो लगातार आम जनमानस को परेशान कर रहे हैं। डीएफओ ने बताया कि नियमानुसार निदेशालय से अनुमति लेने के बाद इन 800 बंदरों में से 400 बंदरों को पकड़वाने की अनुमति मिली है।
जल्द ही नगर पालिका परिषद मथुरा की टीम को बुलाकर इन बंदरों की पकड़ करवाएगा और फिर वे बंदर जिले से दूर जंगलों में छोड़े जाएंगे। इसके बावजूद शहर में 400 कटखने और 1200 अन्य बंदर उत्पात मचाते रहेंगे।