जिले के एक मूल्यांकन केंद्र पर सातवें दिन भी
मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। वहीं दो केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य
जारी रहा। प्रमुख सचिव ने शिक्षक संगठनों की ओर से मूल्यांकन कार्य वापस
लेने का पत्र जारी किया। मूल्यांकन कार्य बहिष्कार समाप्त होने से सोमवार
से तीनों केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू हो जाएगा।
एसडी इंटर कालेज
मूल्यांकन केंद्र पर सातवें दिन रविवार को भी मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो
सका। वहां पर विरोध और समर्थक शिक्षक संगठन के बीच काफी देर तक विवाद हुआ।
विवाद बढ़ने पर वहां पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस कारण वहां पर
किसी भी प्रधान लिपिक ने उत्तर पुस्तिकाएं नहीं ली।
आरआर इंटर कालेज में
मूल्यांकन कार्य जारी रहा। यहां पर 3700 कापियों का मूल्यांकन किया गया।
यहां पर कार्य बहिष्कार करने वाले तीन परीक्षकों को उनके अनुरोध पर कार्य
मुक्त कर दिया गया। वहीं राजकीय इंटर कालेज में 8200 कापियों का मूल्यांकन
किया गया। केंद्र पर वित्त विहीन शिक्षक और अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन
किया।
वित्तविहीन महासभा के जिलाध्यक्ष बादाम सिंह ने कुछ फर्जी टीचरों को
परीक्षक बनाने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान बादाम सिंह,
श्रीनिवासी अग्निहोत्री, विधानचंद्र द्विवेदी, ज्ञानेंद्र उपाध्याय सहित
भारी संख्या में टीचर मौजूद थे। मूल्यांकन प्रभारी/जीआईसी प्रधानाचार्य
योगेंद्र कुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव का पत्र आ गया है, जिसमें शिक्षक
संगठनों की ओर से मूल्यांकन कार्य बहिष्कार वापस कर लिया गया है।
प्रमुख
सचिव ने डीएम और एसपी से मूल्यांकन केंद्रों पर व्यापक व्यवस्था कराके
कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। बताया कि प्रमुख सचिव के पत्र के बाद
से सोमवार से सभी केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य संचालित होने की उम्मीद है।