हरदोई। मनरेगा मजदूरों का सभी ब्लाकों में 72 लाख तीन हजार रुपये बकाया है। इसको लेकर मनरेगा मजदूर परेशान हैं। वे मजदूरी पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
वित्तीय वर्ष 2016-17 की शुरुआत अप्रैल से हुई। इस दौरान मनरेगा के तहत मजदूरों से तालाब खुदाई, नाला सफाई, चकरोड पर मिट्टी कार्य आदि का काम कराया गया। काम कराने के दौरान कुछ ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों का स्थानांतरण दूसरी ग्राम पंचायत में कर दिया गया। इसके अलावा अधिकारियों की ओर से मस्टर रोल की फीडिंग आदि कार्य नहीं किए।
इससे जिले भर के हजारों मनरेगा मजदूरों की 72 लाख तीन हजार रुपये की मजदूरी फंस गई। मजदूरी न मिलने से मनरेगा मजदूर परेशान हैं। वे ब्लाक अधिकारियों से लेकर जिला मुख्यालय पर अपना दर्द सुना चुके, लेकिन कोई भी अधिकारी इन मजदूरों का दर्द सुनने को तैयार नहीं है। इससे मनरेगा मजदूर परेशान हो गए हैं।
ब्लाकों में बकाया मजदूरी (लाख रुपये में)
अहिरोरी-1.04, बावन-3.91, बेहंदर-0.82, भरावन-4.92, भरखनी-2.35, बिलग्राम-1.47, हरियावां-3.27, हरपालपुर-4.22, कछौना-2.58, कोथावां-2.23, माधौगंज-2.44, मल्लावां-0.16, पिहानी-1.89, सांडी-2.38, संडीला-2.47, शाहाबाद-25.08, सुरसा-6.97, टड़ियावां-1.97, टोडरपुर-1.84
वर्जन
सभी ब्लाकों में मनरेगा मजदूरों का करीब डेढ़ करोड़ रुपये बकाया चल रहा था। करीब 80 लाख रुपये का भुगतान करा दिया गया है। शेष 72.03 लाख रुपये के भुगतान की कार्यवाही तेजी के साथ चल रही है। इसी माह में सभी मनरेगा मजदूरों का भुगतान करा दिया जाएगा। - राधेश्याम, सीडीओ