हरदोई। अधिकारियों की उदासीनता के चलते मजदूरों का मनरेगा से मोहभंग होता जा रहा है। जॉब कार्डधारक नवीनीकरण कराने को लेकर मनरेगा मजदूर ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले के 19 ब्लाकों में अफसर अब तक केवल 80 हजार मनरेगा मजदूरों के जॉबकार्डों का नवीनीकरण कर सके हैं। इसके पीछे पिछले ढाई माह से मनरेगा मजदूरी का भुगतान न होना अहम कारण बताया जा रहा है।
मनरेगा शुरू होने से अब तक जिले में करीब पौने पांच लाख जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इसमें पिछले दो साल से करीब पौने तीन लाख जॉब कार्डधारक ही काम कर रहे हैं। करीब दो लाख जॉब कार्डधारकों ने एक भी दिन काम नहीं मांगा है। पिछले एक साल से मनरेगा केे भुगतान देरी हो रही है। एक सितंबर से सीडीओ ने जाबकार्डों का नवीनीकरण शुरू कराया था। एक महीने मेें केवल 80 हजार मजदूरों ने ही जाब कार्डों का नवीनीकरण कराया है।
अधिकारियों के लाख प्रयास के बावजूद न ही पहले से दर्ज मजदूर जॉब कार्ड का नवीनीकरण कराने को आगे आ रहे हैं और न ही नए मजदूर ही जाब कार्ड बनवा रहे हैं। पिछले एक महीने में हरियावां में 10737, हरपालपुर में 10605, अहिरोरी में 8483, टोडरपुर में 8322 भरखनी में 8286, पिहानी में 7495, टड़ियावां में 4912, मल्लावां में 4504, बेंहदर में 4015, कोथावां में 2622, बावन में 1711, संडीला में 1326, भरावन में 1247, बिलग्राम में 1231, सांडी में 1165, शाहाबाद में 1075, सुरसा में 1009, कछौना में 845, माधौगंज में केवल 618 जाबकार्डों का ही नवीनीकरण हो पाया है।
अहिरोरी में 64 हजार, बावन में 3 लाख 33 हजार, बेंहदर में 38 हजार, भरावन में 1 लाख 30 हजार, भरखनी में 97 हजार, बिलग्राम में 1 लाख 47 हजार, हरियावां में 1 लाख 89 हजार, हरपालपुर में 4 लाख 12 हजार, कछौना में 2 लाख 42 हजार, कोथावां में 83 हजार, माधौगंज में 1 लाख 81 हजार, मल्लावां में 16 हजार, पिहानी में 44 हजार, सांडी में 84 हजार, संडीला में 1 लाख 93 हजार, शाहाबाद में 18 लाख 12 हजार, सुरसा में 3 लाख 49 हजार, टड़ियावां में 1 लाख 11 हजार, टोडरपुर में 58 हजार रुपये मनरेगा मजदूरों का बकाया है।