गुरुवार को न्यूनतम पारा एक डिग्री लुढ़ककर पांच पर पहुंच गया। पूरे दिन कोहरे और गलन के कारण लोग ठिठुरते रहे। जहां तहां लोग अलाव तापते दिखे। ठंड के कारण मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 पर्चे बन रहे हैं। जबकि पहले ये संख्या 1000 तक थी। चिकित्सकों का कहना है कि ठंडी हवा के साथ वायरस श्वास नली में प्रवेश कर जाते हैं। बच्चों में संक्रमण से डायरिया, निमोनिया की आशंका रहती है। खुजली व शरीर में लाल चकत्ते भी पड़ सकते हैं।
डा. सीपी कटियार व डा. अजय सिंह का कहना है कि ठंड में सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दमा के रोगियों पर पड़ रहा है। मौसम के बदलाव में लापरवाही बरतने पर फेफड़ों में संक्रमण, ब्रेन हेमरेज, हृदयघात हो सकता है। स्पांडलाइटिस के मरीजों में शरीर के संकुचन में आने से हड्डियों के बीच दर्द बढ़ जाता है।
ठंड बढ़ने से सुसुप्तावस्था में पड़ी तमाम बीमारियों के वायरस सक्रिय हो जाते हैं। इसके साथ ही सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार, डायरिया, ब्रांकाइटिस आदि का संक्रमण बढ़ जाता है।
मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा का कहना है कि लगातार बढ़ी ठंड व पाला गिरने से बच्चों से लेकर बूढ़े तक परेशान हैं। बर्फीली हवाओं ने लोगों पर काफी असर डाला है। उत्तर पश्चिम की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं का क्रम बना हुआ है। सतह पर हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा तक है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 12 डिग्री रहा।
हरदोई। चाय विक्रेता संजय का कहना है कि सर्दी में चाय की डिमांड बढ़ गई है। चाय का धंधा सर्दी भरे सीजन में खूब गर्म है। खपत दोगुनी हो गई है। इसी तरह मूंगफली की मांग भी बढ़ी है। मूलचंद्र का कहना है इन दिनों सिर्फ शहर में ही 20 क्विंटल से अधिक मूंगफली की बिक्री की जा रही है।
हरदोई। ठंड बढ़ते ही जिले में अंडों की बिक्री भी तेज हो गई है। जिले में प्रतिदिन तीन लाख 60 हजार रुपये के अंडों की बिक्री हो रही है। जबकि सर्दियों से पूर्व डेढ़ से दो लाख रुपये के अंडों की ही खपत हो रही थी। अधिकृत विक्रेता विजय कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश व गुजरात से भी अंडों को मंगवाया जा रहा है। मौसम खराब होने के बाद कभी-कभी आपूर्ति कम हो जाती है। देसी अंडे जहां 12 से 14 रुपये प्रति पीस बेचा जा रहा है वहीं फार्मी छह से सात रुपये में बेचा जा रहा है।