बच्चों को एमडीएम खिलातीं रसोइया।
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हरदोई। जहर की आशंका में एमडीएम फेंकने की दहशत शुक्रवार को कराही गांव के अभिभावकों में साफ झलकी। सत्र परीक्षा होने के बावजूद ज्यादातर अभिभावकों ने जूनियर स्कूल के बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजा। जूनियर में 64 बच्चों ने सत्र परीक्षा छोड़ दी। सुबह 9:30 बजे बीईओ पहुंचे तब एमडीएम बनाकर बच्चों को खिलाया गया। प्राथमिक स्कूल में भी बच्चों की उपस्थिति कम रही।
अहिरोरी ब्लॉक के कराही गांव के उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका में विवाद चल रहा है। प्रधानाध्यापिका का आरोप था कि बुधवार को शिक्षिका ने एमडीएम में जहर मिलाने की धमकी दी थी। प्रधानाध्यापिका की शिकायत पर पुलिस और प्रधान स्कूल पहुंचे। जहर की आशंका में एमडीएम फेंक दिया गया था। मामला बीएसए तक पहुंचा फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।
एमडीएम में जहर की आशंका से खौफजदा ज्यादातर अभिभावकों ने शुक्रवार को बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। प्रधानाध्यापिका राधा शुक्ला भी खौफ में रहीं। स्कूल में एमडीएम भी नहीं बनवाया जा रहा था। सूचना पर करीब 9:30 बजे एनपीआरसी ओपी गौतम और बीईओ शैलेश गुप्ता स्कूल पहुंचे। दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में एमडीएम बनवाया गया और बच्चोें को खिलाया गया।
सत्र परीक्षा होने के बावजूद मात्र 34 बच्चे ही आए थे। स्कूल में 98 बच्चे दर्ज हैं। बीईओ ने बताया कि प्रधानाध्यापिका खाना नहीं बनवा रही थी, इसलिए स्कूल गए थे। कुछ देर रुके थे। एनपीआरसी को स्कूल में बैठाकर वह लौट आए थे। अभिभावक खुशीराम, रामसहाय, शिवदास ने कहा कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ ठीक नहीं है। शिक्षिकाओं का विवाद अधिकारी निपटवाएं। ऐसे हालात में बच्चों को भेजना मुश्किल हो जाएगा।