आतंकवादी मसर्रत आलम की रिहाई को एक असंवैधानिक
निर्णय बताते हुए पुन: गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिकों ने
शनिवार को कलक्ट्रेट में न सिर्फ प्रदर्शन किया, बल्कि एक ज्ञापन
राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी रमेश मिश्र को भी सौंपा।
इस बाबत
भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दीपक शुक्ला ने प्रदर्शन के
दौरान कहा कि आतंकी की रिहाई ने भारतीय सेना के जवानों के त्याग, बलिदान व
कुर्बानी का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि उसकी गिरफ्तारी पुन: किसी भी
तरह से की जाए, ताकि पूरे के पूरे भारत देश व सेना का मनोबल न टूटने पाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के किसी भी सरकार के निर्णयों के परिणाम
दूरगामी होते हैं। इस तरह के निर्णय लेते समय इन परिणामों का ध्यान नहीं
रखा जाता, जो देश के लिए आगे चलकर काफी अहित करने वाले हो सकते है। इससे
जवानों के अंदर भारत माता को लेकर जो जज्बा है, उसको चोट लगने के पूरे आसार
होते हैं।
उन्होंने कहा कि कहना गलत न होगा कि यदि देश की सीमाओं की
रक्षा करने वाले ही अपने आप को कमजोर समझने लगेंगे, तो अंदाजा लगाया जा
सकता है कि देश पर किस तरह खतरे के बादल मंडरा सकते हैं।
इस दौरान भूतपूर्व
सैनिकों ने मिलकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र
को सौंपकर जल्द से जल्द इस आतंकी को पुन: गिरफ्तार कराए जाने की मांग की।
इस मौके पर एमके सिंह, एके शुक्ला सहित कई भूतपूर्व सैनिक आदि मौजूद थे।