चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज 2 दिन शेष
रह गए हैं, ऐसे में सबसे ज्यादा अफरातफरी सब्सिडी कोटे के आखिरी सिलेंडर को
पाने को लेकर मची हुई है। इस मामले में कुछ गैस एजेंसियां मनमानी करते हुए
उपभोक्ताओं के हितोें के साथ खेल कर रही है।
चालू वित्तीय वर्ष में जिन
उपभोक्ताओं को सब्सिडी के निर्धारित पूरे सिलेंडर नहीं मिल पाए हैं, वे
इसके लिए एजेंसियों पर लाइन लगा रहे हैं। ऐसे में मार्च के अंतिम दिन तक
जिसको सब्सिडी वाला सिलेंडर मिल जाएगा, उसे तो लाभ मिलेगा, अन्यथा एक दिन
बाद ही उसका कोटा खत्म होने के साथ ही नए वित्तीय वर्ष से सब्सिडी के
निर्धारित सिलेंडरों की गणना शुरू हो जाएगी।
जिससे जिन लोगों के सब्सिडी
वाले सिलेंडर बचे हुए हैं वे हर हाल में 31 मार्च तक रिफिल पाना चाहते हैं,
जिनको रिफिल नहीं मिल पाएगी, उन्हें काफी निराशा होगी। यही कारण है कि
एक सप्ताह से गैस एजेंसियों पर ग्राहकों की लंबी लाइनें लग रही हैं और लोग
होम डिलीवरी से ज्यादा तत्काल पर्ची एवं तत्काल रिफिल की मांग कर रहे हैं।
ताकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले उन्हें सब्सिडी कोटे का सिलेंडर मिल
सके, पर इसको लेकर कुछ एजेंसियां खेल कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को
पर्ची और रिफिल नहीं मिल पा रही है। इस बाबत डीएसओ कुमार निर्मलेंदु ने कहा
कि वे मामले की जानकारी के बाद जरूरी कार्रवाई करेंगेे।