टडियावां (हरदोई)। टडियावां ब्लॉक के मर्दाननगर प्राथमिक स्कूल में एमडीएम खाने से सोमवार को कई बच्चे बीमार हो गए। इसमें ज्यादा उल्टियां होने से दो बच्चों की स्थिति गंभीर हो गई। रात में बीएसए और एसडीएम जांच करने पहुंचे तो ग्रामीण उग्र हो गए और सभी बच्चों का मेडिकल कराने की मांग करने लगे। इस पर सीएचसी से डाक्टरों की टीम बुलाई गई और बच्चों का इलाज कराया गया।
टडियावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत अलीनगर के मजरा मर्दाननगर में प्राथमिक स्कूल है। स्कूल में दो शिक्षक गिरिराज किशोर वाजपेयी और रीता देवी पाल तैनात हैं। स्कूल में 58 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को 23 बच्चे स्कूल पहुंचे थे। रसोइया बिट्टू देवी और सहेली ने एमडीएम में सोयाबीन की सब्जी और रोटी बनाई। बच्चों को खाना परोसा गया। बच्चों ने सोयाबीन में बड़े पैमाने पर कीड़े देखे। तब तक कुछ बच्चे खाना खा चुके थे। जिन बच्चों ने खाना खा लिया था, कुछ देर बाद उन्हें उल्टियां होने लगी। इसकी जानकारी मिलने पर अभिभावक स्कूल में पहुंचे। अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। किसी तरह शिक्षकों ने उन्हें समझाया और स्कूल में छुट्टी कर चले गए।
कुछ अभिभावकों ने इसकी जानकारी संकुल प्रभारी अशोक कुमार और खंड शिक्षाधिकारी शैलेश द्विवेदी को दी, लेकनि वे गांव नहीं पहुंचे। इससे अभिभावकों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने मामले की जानकारी एसडीएम और बीएसए को दी। देर शाम करीब साढ़े आठ बजे बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी, एसडीएम सदर सर्वेश गुप्ता और संकुल प्रभारी अशोक कुमार गांव पहुंचे। अधिकारियों को देखते ही ग्रामीण आक्रोश जताने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि बच्चों को घटिया एमडीएम दिया जाता है। वे एमडीएम खाने वाले सभी बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज की मांग पर अड़ गए।
ग्रामीणों का गुस्सा देख एसडीएम टडियावां सीएचसी पहुंचे। डॉक्टरों की टीम लेकर वापस गांव में आए। रात करीब दस बजे डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और बच्चों का इलाज शुरू किया। तनाव को देखते हुए गांव में देर रात पुलिस भी बुला ली गई। गांव के सतीश चंद्र, ज्ञानेंद्र, रामविलास, प्रदीप, संजय आदि ने बताया कि पहले भी एमडीएम खाने से बच्चे बीमार हो चुके हैं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इन बच्चों ने खाया एमडीएम
राजवीर सिंह, शिवानी, अरुण, मुस्कान, सविताम, बीना देवी, प्रीती देवी, सोनू, कागज सहित 23 बच्चों ने एमडीएम खाया था। इसमें बीना और प्रीती को ज्यादा उल्टियां हुईं।
बच्चों की जांच हो रही है
गांव के प्रधान राकेश पाल ने बताया कि एमडीएम को लेकर कुछ शिकायत थी। शाम को कुछ पत्रकार गांव में आए और फिर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। रात में अधिकारी गांव में आ गए हैं। बच्चों की जांच की जा रही है।
वर्जन
दो बच्चों को ज्यादा उल्टियां हुई थीं। डॉक्टरों के साथ गांव में हूं। बच्चों की जांच कराई जा रही है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -सर्वेश गुप्ता, एसडीएम सदर
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एसडीएम और बीएसए को गांव भेजा गया है। दोनों अधिकारी गांव में हैं। बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। एमडीएम बनाने में लापरवाही ठीक नहीं है। जांच कराकर दोषी शिक्षकों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - विवेक वार्ष्णेय डीएम