गायत्री शक्ति पीठ मझिया के वार्षिकोत्सव का दीप यज्ञ
के साथ समापन हो गया। सैकड़ों नर- नारियों ने शांतिकुंज हरिद्वार की टोली
को भावभीनी विदाई दी। इसी दिन यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। टोली नायक ओपी सिंह
ने कहा कि यज्ञ मानव के भीतर यह गति पैदा करता है, जिससे व्यक्ति संस्कारित
बन जाता है।
मानव को दीप से प्रेरणा लेते हुए दूसरों के जीवन में प्रकाश
भरने वाला बनना चाहिए। अंतिम दिन शक्ति पीठ पर उमड़ी भीड़ को संबोधित
करते हुए शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली ने कई धार्मिक एवं प्रेरणा गीत
प्रस्तुत करते हुए समाज सुधार का संदेश दिया।
टोली नायक ओपी सिंह ने कहा कि
दीप यज्ञ मानव जीवन के लिए बड़े कल्याणकारी होते हैं। यज्ञ से उठने वाला
धुुआं मानव की 24 ग्रंथियों से होते हुए शरीर में एक विशेष गति पैदा करता
है, जो व्यक्ति को संस्कारित बनाती और सीधे मार्ग पर चलने को प्रेरित करती
है।
यह साधना, उपासना और आराधना की ओर ले जानी वाली है, जिन से व्यक्तित्व
में निखार आता है। साधना वह हथियार है जिससे व्यक्ति ऊर्जावान होकर महानता
की ओर जाता है। उन्होंने दीपक से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि
जिस तरह से दीप खुद जलते हुए दूसरों के रास्ते में प्रकाश बिखेरता है, ऐसा
ही जीवन होना चाहिए।
कहा कि अपने लिए तो सब जीते हैं, पर महान वह होते
हैं जो दूसरों के लिए जिये। हमारे कृत्य से किसी दूसरे का भी कल्याण हो तो
हमारा जीवन सार्थक कहा जाएगा। वही लोग सदैव याद किए जाते हैं, जो मानव जाति
के कल्याण के रास्ते पर चले। जैसे गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा का जीवन
था।
आपने मनुष्य जाति को कल्याणकारी रास्ते की ओर बुलाया था। यह संपूर्ण
मानव जाति पर उनका उपकार ही था। पीठ पर सैकड़ों दीप जलाकर किए गए दीप यज्ञ
से माहौल धार्मिक हो गया। इसके बाद शांतिकुंज की टोली को मौजूद नर नारियाें
की ओर से विदाई दी गई।
शक्ति पीठ की जिम्मेदार सुनीता सिंह ने बताया कि
अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से पीठ पर चैत नवरात्र पर 21 मार्च (आज)
से जाप व यज्ञ के कार्यक्रम निरंतर होंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से
नवरात्र पर चलने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिभाग कर लाभान्वित होने
की अपील की है।