आदिग्रंथ रामायण की रचना करने वाले महर्षि वाल्मीकि की जयंती मंगलवार को
जिले में धूमधाम से मनाई गई। समाज के लोगों ने सुबह से लेकर देर शाम तक
मंदिरों में हवन पूजन किया। आदि कवि महर्षि गुरु वाल्मीकि आश्रम/मंदिर
कमेटी ने पूजन कर शहर के प्रमुख मार्गों से शोभा यात्रा भी निकाली।
आदि
कवि महर्षि गुरु वाल्मीकि आश्रम/मंदिर कमेटी के तत्वावधान में महर्षि
वाल्मीकि प्रकट दिवस नई बस्ती स्थित मंदिर में बड़े धूमधाम से मनाई गई।
प्रभातफेरी के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम मंदिर में हवन पूजन और कन्या भोज तक
चलता रहा। दोपहर में समाजसेवी फखर्रूल इस्लाम फक्कन ने महर्षि की झांकियों
से सुसज्जित शोभा यात्रा को बैंड बाजा के साथ झंडी
दिखाकर रवाना किया। अबीर
गुलाल उड़ाते हुए लोगों द्वारा शोभा यात्रा पूरे उल्लास के साथ शहर के
प्रमुख मार्गों से निकली। ये दिन भर घूमने के बाद देर शाम मंदिर पर आकर
समाप्त हुई। इसके बाद शाम को पांच बजे एक विचार गोष्ठी मंदिर प्रांगण में
हुई। समारोह में पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने महर्षि की प्रतिमा
पर माल्यार्पण कर अपने विचार व्यक्त
किए। सपा नगर अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद
सिद्दीकी ने भी अपने विचारों से महर्षि के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रबंधक
गोपाल वाल्मीकि ने विचार व्यक्त किए। महामंत्री पप्पू वाल्मीकि ने समाज की
शिक्षा पर जोर दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार वाल्मीकि ने अतिथियों
को धन्यवाद ज्ञापित किया। नीरज कुमार ने समाज को नशा मुक्ति की ओर प्रेरित
किया। इस मौके पर रामगोपाल, ओमप्रकाश, बब्लू, मुन्ना, विनोद, संजय,
राधेलाल बाल्मीकि समाज के तमाम लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा
नगर में महर्षि वाल्मीकि जयंती बडे ही श्रद्धापूर्वक के साथ मनाई गई। इस
दौरान मौलागंज में सर्वोदय कार्यकर्ता सुरेंद्र नाथ मिश्रा व आरती मिश्रा
ने महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने
कहा कि महर्षि की भक्ति भावना से सभी लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके
पर भाजपा नेता राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, पालिका सभासद रामप्रसाद,
नत्थूलाल,
रामसरन, सुनीलआदि मौजूद रहे। उधर, समाज की ओर से नगर में शोभायात्रा
निकाली गई। इसमें अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े के साथ लव-कुश, दुर्गा माता, शंकर
पार्वती, राधाकृष्ण, सरस्वती, हनुमान आदि झांकियां नगर के मौलगंज, अल्हापुर
आदि स्थानों पर भ्रमण करती हुई बाल्मीकि की प्रतिमा के पास समाप्त हुई।