फोटो 22: महिला जनसुनवाई करतीं राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह व मौजूद अधिकारी। संवाद
हरदोई। मैम! रिश्वत लिए जाने की शिकायत किए जाने पर हमें तो निलंबित कर दिया गया लेकिन बीईओ को बख्श दिया गया। शिक्षिकाओं ने बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की हकीकत और महिला शिक्षकों के उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। शिक्षिकाओं ने राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह को पूरी बात बताई। इस पर उन्होंने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिला जनसुनवाई की। महिला शिक्षिका ने अपनी पीड़ा को बताया और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की। बताया कि उसी मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठने के बावजूद उन्हें बख्शा गया। सुनवाई में महिलाओं ने घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और हक से जुड़े मामलों की शिकायतें दर्ज कराईं। 28 शिकायतें आईं और एक भी शिकायत का मौके पर समाधान नहीं हो सका। आयोग की सदस्य ने शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार समाधान कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों की जांच-पड़ताल के साथ किए जाने वाले समाधान की रिपोर्ट अगली जनसुनवाई में प्राप्त कराई जाए। इस मौके पर नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, सीओ सिटी अजीत चौहान, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम, वरिष्ठ सहायक सतीश कुमार, सेंटर मैनेजर शाहाबाद मिथिलेश कुमारी, सुरभि सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिक नहीं बोलूंगी, वापस भी तो जाना है
राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने महिला जनसुनवाई से पहले अधिकारियों और वन स्टाप सेंटर की मैनेजर आदि से महिला उत्पीड़न, किशोरियों के घर छोड़ने आदि के मामलों की जानकारी ली। एक सेंटर पर पुलिस की तरफ से बरामद की गईं 21 किशोरियों के होने की जानकारी पर कहा कि हरदोई में ऐसी घटनाएं बहुत हो रही हैं। इस पर आगे कुछ बोलने से पहले बोलीं, हरदोई वालों के लिए अधिक नहीं बोलूंगी, वापस भी जाना है।