फोटो-2-सिनेमा चौराहे पर मार्निंग वाक करते सेवानिवृत्त कंठ किशोर। संवाद
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हरदोई। युवा भले ही चूक कर जाएं पर कोई-कोई बुजुर्ग बहुत ही जागरूक हैं। उम्र के एक पड़ाव पर पहुंचे बुजुर्ग इन दिनों भी भोर में मार्निंग वॉक नहीं छोड़ पा रहे पर सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) और मास्क का प्रयोग अपने बचाव के लिए भली भांति कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं अस्सी वर्षीय कंठ किशोर।
शहर के लखनऊ रोड स्थित बाबू पत्रकार वाली गली के निवासी गन्ना विभाग से सेवानिवृत्त कंठ किशोर शायद ही कभी सुबह मार्निंग वॉक पर न निकले हो। बीमार हों तो अलग बात है लेकिन यह उनकी दिनचर्या में है। गुरुवार को भी सुबह करीब साढ़े बजे घंटाघर रोड पर अखबार की एजेंसी के करीब दिख गए।
उनसे जब पूछा गया कि दादा कोराना चल रहा है। आप घर ही रहे, तो उन्होंने जवाब दिया कि बेटा हम भी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। जितना कर सकते उतना करते भी हैं। हम अपने छात्र जीवन से सुबह टहल रहे।
जिस दिन न टहलों उस दिन इस उम्र के पड़ाव में तबियत भारी लगने लगती है इसलिए मजबूरी में ही आता हूं। जल्दी चला भी जाता हूं। इन दिनों कोरोना का भय है तो सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क की अनिवार्यता का पालन भली भांति करता हूं।