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आधार से लिंक होंगी खसरा-खतौनियां

Thu, 22 Jun 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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प्रतीकात्मक - फोटो : Reuters
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हरदोई। केंद्र सरकार ने बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों की बेनामी संपत्तियों का रिकार्ड जुटाने के साथ अब खसरा-खतौनियों को आधार नंबर से लिंक कराया जाएगा। ऐसा होने पर गांवों में जमीन खरीद कर काली कमाई खपाने वालों का खुलासा होगा।
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केंद्र सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने बेनामी संपत्तियों का रिकार्ड जुटाने के आदेश दिए हैं। इस काम में अफसर जुट भी गए हैं। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में इसे लेकर कवायद तेज कर दी गई है।

बहरहाल, इससे जुड़ी ताजी जानकारी ये है कि अब देश भर की कृषि योग्य भू-संपत्तियों की खसरा-खतौनियों को आधार नंबर से लिंक कराने का फैसला लिया गया है। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव कार्यालय के अनुसचिव ने इस संबंध में सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवाें को निर्देश निर्गत कर दिए हैं।
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निर्देशों के मुताबिक भू- संपत्तियों के मालिकों का आधार नंबर लिंक कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इससे बेनामी संपत्तियों का पता भी आसानी से चल सकेगा। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिहाज से इसे बड़ा निर्णय माना जा रहा है।

डिजिटलाइजेशन का कार्य है जारी
खसरा-खतौनियों को आधार नंबर से लिंक कराने में कोई बहुत बड़ी समस्या आने की संभावना नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही सभी खेतों के गाटों को यूनिक नंबर दे दिए हैं। इन दिनों खतौनी में प्रत्येक काश्तकार का अंश अंकित किए जाने का अभियान नेशनल लैंड रिकार्ड डिजिटलाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत चल रहा है।
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