हरदोई। अपर जिला जज प्रथम हरवीर सिंह ने मंगलवार को पिता की हत्या के मामले में पुत्र को उम्रकैद और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के डाभा निवासी बसंत ने जमीन को वसीयत अपने पौत्र श्रीराम पुत्र रामपाल आदि के नाम की थी। रामपाल के बड़े भाई विशंभर ने मुकदमा कर दिया था।
विशंभर के लड़के साधु उर्फ राधेश्याम को आशंका थी कि पिता जानबूझ कर मुकदमे की पैरवी नहीं कर रहे हैं और जायदाद श्रीराम आदि को दे देना चाहते हैं।
इसी खुन्नस में 23 जून 2013 को रात 2 बजे साधु ने पिता विशंभर पर बांके से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। घटना की रिपोर्ट रामपाल ने दर्ज कराई थी। अदालत ने साधु उर्फ राधेश्याम को हत्या में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारदार हथियार रखने के अपराध में तीन साल की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए। अदालत के समक्ष चले मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार वाजपेयी ने की।