- छह साल बाद आया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता ने पुत्री के हत्यारे रामसागर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। छह साल बाद फैसला आया है।
शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम शरमा निवासी रामसागर के दामाद नोखई ने शाहबाद थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसके ससुर घटना के 10-12 वर्षों से उसी के घर में रह रहे थे। 16 जुलाई 2016 को सुबह आठ बजे उसकी बेटी शशि खाना बना रही थी। रामसागर खाना मांगने लगे, शशि ने कहा अभी देते हैं। इसी बात पर पिता-पुत्री में विवाद हो गया था। रामसागर ने पास में रखी कुदाल (कसी) से शशि के गले पर वार करके हत्या कर दी थी। हत्या के बाद रामसागर भाग गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार बाजपेई ने कहा दोषी को सजा दिलाने की पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज सत्यदेव गुप्ता ने दोषी रामसागर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।