हरदोई। उत्तर प्रदेश विधान मंडल महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की उप समिति ने गुरुवार को सुबह से ही निरीक्षण शुरू कर दिए। तीन सदस्यीय समिति ने महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा संबंधी चलाई जा रही योजनाओं का सत्यापन किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। जिला महिला अस्पताल समेत महिला थाने में जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई। उप समिति ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा भी की।
विधान मंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की उप समिति ने बुधवार देर शाम को ही शाहाबाद में पीएचसी का निरीक्षण किया। उधर्र गुरुवार को भी सुबह होते ही उप समिति में शामिल सभापति आशा किशोर, समिति सदस्य रामरती मिश्रा और शकुंतला ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एके श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार चौरसिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव के साथ जिला महिला अस्पताल से निरीक्षण शुरू किया। सुबह पहुंची टीम को महिला अस्पताल में काफी अव्यवस्थाएं मिलीं। साफ सफाई बेहतर नहीं रही जबकि चिकित्सक भी मौके पर उपस्थित नहीं मिले। इस पर समिति सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की।
वहां से जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचकर अतिकुपोषित बच्चों को मिल रहे पोषण की जानकारी ली। पोषण पुनर्वास केंद्र पर सबकुछ दुरुस्त मिला। कुछ देर रुकने के बाद टीम महिला थाने गई, जहां दारोगा कमलेश गौतम बिना सूचित किए लखनऊ ले जाने पर नाराजगी व्यक्त की और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। टीम ने जिला कारागार में महिलाओं के बैरक में जाकर सुविधाओं का जायजा लिया। जिसके बाद ब्लाक अहिरोरी के नयागांव और सुरसा के भैनामऊ गांव में प्राथमिक पाठशाला और आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। जहां सबकुछ ठीक मिला, हालांकि अहिरोरी की सीडीपीओ रुचि वर्मा के अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के उपरांत टीम ने डांक बंगले में विभागीय समीक्षा भी की। निरीक्षण में सीएमएस आरके मिश्रा, सीडीपीओ प्रियंका गुप्ता, सुपरवाइजर सोना भदौरिया समेत कई मौजूद रहे।