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लर्निंग आउटकम: 90 फीसदी नौनिहालों ने दी परीक्षा, 12 हजार शिक्षकों ने लगाया दम

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हरदोई। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का शिक्षा का स्तर जानने के लिए बुधवार को जिले भर के परिषदीय विद्यालयों में कराई गई। परीक्षा में 324794 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 90 फीसदी से अधिक परीक्षार्थियों के शामिल होने का दावा बीएसए ने किया है। दूसरी बार हो रही परीक्षा में जिला सूबे में निचले पायदान पर न रहे इसको लेकर 12 हजार शिक्षक ड्यूटी भी लगाई गई।
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लर्निंग आउटकम परीक्षा बुधवार को दूसरी बार कराई गई। नवंबर माह में जिले की स्थिति सूबे में निचले पायदान पर होने के कारण जनपद को ई ग्रेड में रखा गया। इस बार पहले से ही जिलाधिकारी पुलकित खरे ने सभी को निर्देशित किया था कि जिले के सभी शिक्षक इस ओर विशेष तैयारी कराएं जिससे न सिर्फ बच्चों की बौद्धिक गुणवत्ता सुधरे बल्कि प्रदेश में भी जनपद का नाम वरीयता क्रम में लिया जा सके। इसी उद्देश्य को लेकर जिले के 3857 परिषदीय विद्यालयों व 20 बा विद्यालयों में परीक्षा हुई। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए अन्य विद्यालयों के पर्यवेक्षकों को लगाया गया। परीक्षा के बाद कापियां बीआरसी पर बनाए गए काउंटरों पर जमा करवाई गईं।
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि उन्होंने अहिरोरी सहित कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देर शाम तक ब्लाकों से ब्यौरा जुटाया जा रहा है। परीक्षा परिणाम के आधार पर स्कूल व शिक्षकों की ग्रेडिंग तय की जाएगी। कुल मिलाकर अभी तक लगभग में जो उपस्थिति देखी गई है उससे यह कहा जा सकता है कि 90 फीसदी से ऊपर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही है।
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छात्र-छात्राओं के बैग कक्षों के बाहर रखवाए गए
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए परिषदीय विद्यालयों में भी कई बदलाव देखने को मिले। परीक्षा के दौरान भी कापी किताबें साथ रखने वाले छात्र छात्राओं को बुधवार की परीक्षा में बैग बाहर रखने पड़े। लगभग प्रत्येक विद्यालय में इसका पालन करवाया गया।
बुकलेट भरने में फिर आईं दिक्कतें
परिषदीय विद्यालयों की लर्निंग आउटकम परीक्षा के दौरान बच्चों को प्रश्रावली बुकलेट भरने में बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन दिक्कतों को देखकर शिक्षक शिक्षिकाओं ने बच्चों का सहयोग किया।
ओएमआर शीट का नहीं हुआ प्रयोग
इस बार ओएमआर शीट के प्रयोग में ज्यादा गलतियां न हो। इसको लेकर शिक्षकों को भी ब्लाक पर प्रशिक्षित किया गया। इसके बाद शिक्षकों ने भी बच्चों को स्कूलों में प्रशिक्षित किया लेकिन ऐन वक्त पर शासन द्वारा ओएमआर शीट कसे ही बदल दिया गया। इस बार लर्निंग आउटकम आधारित स्कूल ग्रेडिंग संप्राप्ति आंकलन प्रश्रावली जारी की गई। जिस पर ही छात्र छात्राओं को अपनी व अपने विद्यालय से संबंधित सूचनाएं देनी पड़ी।
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