टोडरपुर। बढ़ती गर्मी के साथ पछुआ हवाओं से लोगों के कंठ सूख रहे हैं। वहीं, नहरों में पानी न होने से फसलें सूखने लगी हैं। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं। शारदा नहर काफी समय से सूखी पड़ी है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर भी घटता जा रहा है। हजारों बीघा फसल बिना पानी के सूख रही है। क्षेत्र के किसान गर्रा नदी से पंपसेट के जरिये भी खेती करते थे।
क्षेत्र से निकली सुखेता नहर भी फसलों को पानी देने में सक्षम थी। जिससे क्षेत्र में बिछा नहरों का जाल किसानों के लिए वरदान साबित होता था। अब स्थिति बदल गई है, भीषण गर्मी से खेती पर संकट के बादल छाने लगे हैं। सरकारी ट्यूबवेल भी सिंचाई के लिए बनवाए गए थे, जिनमें अधिकांश अव्यवस्थाओं के चलते ठप पड़े हैं। भूजल स्तर गिरने से पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। आज पीने के पानी का भी संकट है। सूखी नहरें, ताल-तलैया और सूखी सुखेता नदी से हजाराें एकड़ भूमि सूख रही है।
क्षेत्रीय विधायक बाबू खां से किसानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। तो विधायक ने नहर में अतिशीघ्र पानी दिलाने का आश्वासन दिया है।