हरदोई। लॉकडाउन के दौरान घर वापसी करने वाले मजदूरों के लिए मनरेगा योजना से काम उपलब्ध कराने की कवायद तेज हो गई है। मनरेगा के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में बड़ी संख्या में जॉब कार्डधारकों को लगाया गया है। गैर जनपदों और प्रदेशों से लौटे श्रमिकों को नए जॉब कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं।
जिले में 23 अप्रैल से मनरेगा के कार्य शुरू हो चुके हैं। शासन स्तर से व्यक्तिगत लाभार्थीपरक और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की कुल 1306 ग्राम पंचायतों में 1025 में मनरेगा के कार्य शुरू हो गए हैं। अधिकांश जगहों पर तालाब की खुदाई का कार्य शुरू कराने के साथ ही सई नदी के पुनरोद्धार का काम भी किया जा रहा है। इन कार्यों में फिलहाल 39886 जॉब कार्डधारक कार्य कर रहे हैं। उधर दूसरी ओर प्रशासन ने गैर जनपदों से गांव लौटे श्रमिकों का ब्योरा तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक 25 मार्च से 30 अप्रैल तक जिले के ग्रामीण इलाकों में 23927 लोग लौटे हैं। इनमें से 8751 के पास पहले से ही जॉब कार्ड हैं। 877 लोगों ने नए जॉब कार्ड भी बनवाए हैं।
5278 श्रमिकों ने मांगा काम
25 मार्च से 30 अप्रैल के बीच जनपद लौटे 23927 श्रमिकों में 5278 ने गांव में ही मनरेगा के तहत कार्य करने की इच्छा जताई है। इन लोगों ने अपने गांव के रोजगार सेवक, प्रधान, सचिव और खंड विकास अधिकारी के माध्यम से काम मांगा है। प्रशासन का दावा है कि जितने भी लोगों ने मनरेगा से काम मांगा है, उन सभी को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
सांडी ब्लाक में लौटे सर्वाधिक 2990 श्रमिक
गैर जनपदों और प्रदेशों से लॉकडाउन के दौरान 30 अप्रैल तक जिले में लौटे 23927 लोगों में से सबसे ज्यादा सांडी विकास खंड के हैं। यहां 2990 श्रमिक वापस आए हैं। सुरसा विकास खंड के गांवों में 2922, बिलग्राम के गांवों में 2440, हरियावां में 2407 मजदूर वापस आए हैं। शाहाबाद विकास खंड के गांवों में 2366, मल्लावां में 1977, टोडरपुर में 1669, टड़ियावां में 1652 मजदूर लॉकडाउन के दौरान घरों को लौटे हैं। अहिरोरी में 175, बावन में 390, बेंहदर में 581, भरावन में 602, भरखनी में 235, हरपालपुर में 120, कछौना में 30, कोथावां में 41, माधौगंज में 1294, पिहानी में 1370 और संडीला विकास खंड के गांवों में 666 मजदूर लौटे हैं।
कंट्रोल रूम में आईं 109 शिकायतें, पांच निस्तारित
शासन के निर्देश पर मनरेगा सेल में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां महेंद्र मिश्रा और मनीष तिवारी की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे और दो बजे से रात आठ बजे तक की दो शिफ्ट होती हैं। दो मई को छह, तीन मई को 47, चार मई को 33 और पांच मई को शाम छह बजे तक 21 शिकायतें कंट्रोल रूम को मिलीं। इनमें से अधिकांश काम उपलब्ध कराए जाने और जॉब कार्ड निर्गत कराने की थीं। कुल 109 शिकायतों में से पांच का निस्तारण कर दिया गया है और 104 के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। सबसे अधिक 14 मामले शाहाबाद विकास खंड के लंबित हैं, जबकि कछौना और बेंहदर के 12-12 मामले अभी निस्तारित नहीं हुए हैं।
एक नजर आंकड़ों पर
जनपद में कुल ग्राम पंचायतें - 1306
मनरेगा कार्य चल रहे हैं - 1025 में
मनरेगा कार्यों की संख्या - 2451
मनरेगा कार्यों में लगे जॉब कार्डधारक - 39886
जिम्मेदारों की सुनिए
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि जो भी जॉब कार्डधारक मनरेगा में कार्य करने का इच्छुक है, उसे प्राथमिकता से कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। गैर जनपदों और प्रदेशों से लौटे जो भी लोग मनरेगा से कार्य मांगेंगे, उन्हें कार्य दिया जाएगा। लोगों को गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।