छिबरामऊ। हर्रेया गांव में एक घर के बाहर रविवार को कुत्ते से बड़ा जंगली जानवर दिखने और सुबह के जंगल में पंजों के निशान मिलने से कटियारी में फिर तेंदुए की दहशत व्याप्त हो गई है। लोग अकेले खेतों में जाने से डरने लगेे हैं। सहमे लोग कमरों में सोने को मजबूर हैं। कुछ लोग चारपाई के आसपास जाली लगाकर सो रहे हैं।
कटियारी क्षेत्र के हर्रेया गांव के हरी कश्यप के कच्चे मकान की दीवारें छोटी हैं। रविवार रात परिवार के सदस्य आंगन में सो रहे थे और हरी घर के बाहर लेटा था। दीवार पर खरोंचने की आहट पर हरी की नींद खुल गई। हरी ने बताया कि कुत्ते से काफी बड़ा जानवर दीवार में पंजे रखकर अंदर कूदने की कोशिश कर रहा था।
जानवर देखकर हरी ने शोर मचा दिया। इससे गांव के पुतान, बबलू, आदर्श तिवारी, रामदुलारे, भोला, बृजेश, रामदीन, राजेश, संजय, करन आदि लाठी-डंडे लेकर दौड़े। इससे जानवर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने कई राउंड फायरिंग भी की।
करीब तीन दिन पहले जफरपुर मड़िया के राधेश्याम की पत्नी शबनम ने घर के बाहर बंधी भैंस के पास कुत्ते से बड़ा जानवर देखा था। इसी गांव के लोगों ने सोमवार सुबह जंगल में पंजों के निशान देखे।
गांव के सर्वेश, चंद्रपाल, गुड्डू, जदुनंदन, सोहराब, अर्जुन, रामप्रकाश, मिश्रीलाल, ब्रजराज, आशाराम, संजय, धीरेंद्र राजपूत, रामविलास आदि ने बताया कि गांव के बाहर बेरी का जंगल है। पंजों के निशान जंगल से गांव की सड़क तक बने थे।
छिबरामऊ के मुन्नीलाल, हन्नू, रामआसरे, अंके सिंह, रामसहाए, मनोज शर्मा, भगवती राजपूत, सुनील शुक्ला,अचल, लालाराम, प्रकाश आदि ने कहा कि दशहत के चलते लोग घरों के अंदर सोने को मजबूर हैं। वन विभाग के अधिकारी आते हैं और टहल कर चले जाते हैं। अब तो दिन में भी खेतों में अकेले जाने में डर लगने लगा है।