संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। मुंसिफ कोर्ट की भूमि पर अतिक्रमण कर बनवाए गए कोतवाली भवन, महिला हेल्पडेस्क व मुख्य गेट पर गुरुवार को बुलडोजर चला। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पर मुंसिफ कोर्ट की जमीन को खाली कराया गया।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज मुंसिफ कोर्ट की जमीन की नाप करने पर कोतवाली का गेट, महिला हेल्पडेस्क, कोतवाल का आवास, कार्यालय का आधा भाग बना मिला। मुंसिफ कोर्ट की जमीन पर अतिक्रमण के संबंध में हाईकोट में वाद दायर किया गया है। इसी पर हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटवाए जाने का आदेश दिया है। कोतवाली के साथ ही मुंसिफ कोर्ट की जमीन पर अन्य लोगों ने भी अतिक्रमण कर रखा है।
एसडीएम पूनम भास्कर, सीओ हेमंत उपाध्याय, तहसीलदार नरेंद्र कुमार और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आरआर अंबेश की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से कोतवाली भवन, गेट और महिला हेल्पडेस्क आदि को तोड़वाया गया। पूर्व की ओर बने कोतवाली के गेट ढहवाया गया है। इससे पूर्व मुंसिफ कोर्ट की बीस मीटर लंबी जमीन से पुलिस का कब्जा हटाने में हीला-हवाली करती रही लेकिन, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को कोर्ट की जमीन से कब्जा हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।