सवायजपुर। लॉकडाउन के दौरान कोरोना योद्धा डॉक्टर जान जोखिम में डालकर दूसरों को संजीवनी देने का काम कर रहे हैं। इन्हीं में से हैं सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे और यहीं चिकित्सक पद पर तैनात उनकी पत्नी डॉ. वंदना पांडे। कोरोना से बचाव को दोनों ड्यूटी कर रहे हैं। डॉक्टर वंदना का कहना है कि दोनों बच्चों के छोटे होने के कारण उन्हें पड़ोसियों की देखरेख में छोड़कर आना पड़ता है। लेकिन कर्तव्य निभाने के लिए ममता को कुछ देर भूलना पड़ता है।
सीएचसी का काम संभालने के साथ ही अधीक्षक डॉ. आनंद पांडे क्षेत्र में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में नियमित जाते हैं। यहां श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग करते हैं। पत्नी वंदना पांडे तीन दिन सवायजपुर में और तीन दिन हरपालपुर सीएचसी में सेवाएं देती हैं। दोनों का कहना है कि जब से कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी हुआ है, जिम्मेदारी बढ़ गई है। सीएचसी आने वाले लोगों की भी नियमित थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है। डॉ. वंदना पांडे ने बताया कि एक बेटा कक्षा तीन व दूसरा कक्षा दो में पढ़ता है। बच्चों को समय देना काफी मुश्किल हो गया है। बमुश्किल देर शाम ही बच्चों से मिलना हो पाता है। परेशानी हो रही है, लेकिन संकट के समय दंपति सेवाधर्म के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वह अकारण घरों से न निकलें। आमजन के सहयोग से देश जल्द कोरोना को हराने में सफल होगा।