हरदोई। बापू की खादी जल्द ही आधुनिकीकरण का तागा पिरोकर एक ब्रांड के रूप में नजर आएगी। प्रदेश की भांति ही जिले में भी खादी को निखारने के लिए न सिर्फ इसे फैशन के दौर में लाया जाएगा बल्कि स्टोर आउट लेट नवीनीकरण से लेकर पारंपरिक चरखों तक को बदला जाएगा। शासन की ओर से जिले में भी पत्र जारी कर खादी को आधुनिक बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में 13 खादी संगठन हैं जो आश्रम चलाकर खादी को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की मंशा और खादी ग्रामोद्योग आयोग व बोर्ड का प्रयास सफल रहा तो जल्द ही फैशन में ढली खादी हम सबके बदन पर चमकती नजर आएगी।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि शासन ने खादी को आमूल चूल परिवर्तन का फैसला लिया है। इसमें रिवाल्विंग फंड सहायता योजना, खादी मोबाइल वैन योजना व कुशल कारीगरों को निफ्ट रायबरेली से फैशन का प्रशिक्षण दिलाए जाने की योजना को लागू किया गया है। जिले में भी योजना को क्रियान्वित करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनमोहन चौधरी ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके बाद योजना का लाभ पाने के इच्छुक खादी संगठनों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि खादी के बुनकरों को रायबरेली के फैशन इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। वहां से पारंगत होने के बाद यहां आकर अन्य बुनकरों को आधुनिक फैशन के गुर सिखाएंगे।
खादी आश्रमों की दुकानें देंगी शोरूमों को टक्कर
रिवाल्विंग फंड सहायता योजना के तहत खादी जिनकी स्वयं की दुकानें है। उन्हें आज के परिवेश में ढालने के लिए 10 से 30 लाख तक का ऋण चार प्रतिशत सालाना ब्याज पर उपलब्ध कराया जाएगा। जिले से आवेदन लेने के बाद इन्हें लखनऊ भेजा जाएगा।
राह चलते लुभाएगी खादी की मोबाइल वैन
मोबाइल वैन योजना भी शुरू की जाएगी। जिनके पास किराए की दुकानें हैं वे मोबाइल वैन के जरिए लोगों को लुभाना चाह रहे हैं तो उन्हें भी लोन देकर मोबाइल वैन के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। वे वैन से खादी के कपड़े बेचेंगे।