कछौना। ब्लॉक का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अव्यवस्थाओं का शिकार है। अभी तक न ही छात्राओं के खाने के लिए खाद्यान्न पहुंचा है और न ही पढ़ने के लिए किताबें आई हैं। रोजमर्रा के काम आने वाली सामग्री भी पर्याप्त उपलब्ध नहीं है। शाम को बिजली न होने पर स्कूल अंधेरे में डूबा रहता है। इन अव्यवस्थाओं के कारण आधे से ज्यादा छात्राएं स्कूल नहीं पहुंची हैं।
कछौना ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सौ छात्राएं पंजीकृत हैं। इन छात्राओं को पढ़ाने के लिए चार फुल टाइम और चार पार्ट टाइम शिक्षक तैनात हैं। स्कूल खुले पंद्रह दिन से अधिक हो गए हैं लेकिन अभी तक शत प्रतिशत छात्राओं की उपस्थिति नहीं हुई है। इस समय 35 छात्राएं ही विद्यालय पहुंची हैं। दरअसल अभी तक स्कूल में राशन नहीं भेजा गया है और न ही पाठ्यपुस्तकें ही आई हैं। राशन न होने से भोजन में दिक्कत आ रही है। इस कारण कुछ छात्राएं स्कूल आने के बाद अपने घरों को लौट गईं। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में रोजमर्रा के काम आने वाला काफी सामान नहीं है। बिजली न होने पर शाम को पूरे भवन में अंधेरा छा जाता है। कभी कभार ही जनरेटर चलाया जाता है। इससे पढ़ने में दिक्कत होती है।
स्कूल में प्राथमिक चिकित्सा की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बीमार होने पर छात्राओं को उनके घर भेज दिया जाता है। वार्डेन कृति द्विवेदी ने बताया कि अभिभावकों से छात्राओं को भेजने के लिए कहा गया है। राशन और पाठ्यक्रम व्यवस्था भी जल्द ही सुधर जाएगी। अन्य सामग्री की भी व्यवस्था की जा रही है।