जिले की पहला नागरिक होने का गौरव रखने वाली निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल ने जिला पंचायत सदस्य के चुनावों में भी एक रिकार्ड बनाकर खुद को नंबर वन करने का गौरव हासिल कर लिया है। जिले की 70 सीटों पर हुए निर्वाचन में उन्हें सर्वाधिक 60 फीसदी से अधिक वोट मिलने के कारण वह सभी जीते प्रत्याशियों की सूची में नंबर वन पर नजर आ रही हैं।
कामिनी अग्रवाल से पूर्व उनके पति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल सुरसा पंचम से निर्विरोध निर्वाचित होकर अपने आप को विशेष साबित कर चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य के चार चरणों में हुए मतदान में दो सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था तो 70 सीटों पर मतदान कराया गया।
मतदान के दौरान टड़ियावां चतुर्थ की सीट को छोड़ दें तो 70 फीसदी से अधिक कहीं भी मतदान नहीं हुआ। शेष सीटों पर प्रत्याशियों को 55 फीसदी तक वोट मिले हैं। टड़ियावां प्रथम पर से जिला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल को 67 प्रतिशत में 60.54 फीसदी वोट मिले। उन्हें 14 हजार 671 वोट मिले।
इसी तरह टड़ियावंा द्वितीय पर ज्योति को 35.76, तृतीय पर अजरा को 15.76, चतुर्थ पर पूनम को 10, हरियावां प्रथम पर नीलम को 21, द्वितीय पर राजीव कुमार सिंह को 32, तृतीय पर शशि कुमारी को 25, पिहानी प्रथम पर सोनू भारती को 20, द्वितीय पर प्रमोद कुमार को 22, तृतीय पर दिलीप कुमार मिश्रा को 19, चतुर्थ पर अनीता को 18.41, टोडरपुर प्रथम पर विद्या सागर को 16.29, टोडरपुर द्वितीय पर मुनेश्वर बक्स सिंह को 31.22, टोडरपुर तृतीय पर गीता को 18 फीसदी वोट मिला है।
अन्य सीटों पर भी प्रत्याशियों की ऐसी ही स्थित रही है। इसी तरह टड़ियावां प्रथम के बाद कोथावंा तृतीय पर संदीप कुमार वर्मा को 55 फीसदी वोट मिला है। सुरसा प्रथम सीट पर पहले तो कई लोगों ने दावा किया। बाद में मीरा को छोड़कर सभी ने नाम वापसी ले लिए।
यहां मीरा गुप्ता निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के चलते लोग इन्हें संभावित दावेदार की नजरों से देख रहे हैं।