जूनियर विद्यालयों में गणित और विज्ञान के टीचरों की
नियुक्ति प्रक्रिया विभाग की गले की हड्डी बन गई है। मेरिट सूची में
गड़बड़ी मिलने के बाद डीएम की लगाई गई रोक के कारण पात्र आवेदकों की भी
ज्वाइनिंग नहीं हो सकी। इससे आक्रोशित चयनित शिक्षकों ने डीएम आवास पहुंच
कर घेराव किया।
यहां से पुलिस ने उनको खदेड़ दिया। इसके बाद भी
डीएम से मिलने की जिद में आवेदक पूरे समय कलक्ट्रेट में डटे रहे। उधर,
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। बीएसए की ओर से लिपिक
के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कवायद भी पूरी नहीं हो सकी।
ूनियर
विद्यालयों में डेढ़ साल से नियुक्ति की आस देख रहे आवेदकों की नियुक्ति
प्रक्रिया शासन की ओर से शुरू की गई थी। 21 सितंबर तक पात्र आवेदकों को
नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश थे, मगर जिले में 694 पदों के लिए बनाई
गई मेरिट लिस्ट में जमकर गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं।
इस कारण
प्रथम व द्वितीय काउंसलिंग कराने वाले पात्र आवेदक बाहर हो गए और अंतिम
काउंसलिंग वालों को शामिल कर लिया गया। इस पर विभाग ने पुन: मेरिट सूची
जारी की। मंगलवार को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए, किंतु नाम हटने पर
पहली कटआप सूची में शामिल लोगों ने बीएसए सहित विभागीय कर्मचारियों पर
मेरिट सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगा रात में हंगामा किया।
इस
पर डीएम रमेश मिश्र ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी और जांच होने
तक आवेदकों को ज्वाइन न कराने के निर्देश दिए। बुधवार को जब चयनित आवेदक
विद्यालय पहुंचे तो उन्हें बैरंग लौटा दिया गया। इस पर 50 से 60 आवेदक डीएम
आवास पहुंचे और डीएम से मिलने की बात कही।
यह देख डीएम कार्यालय
के कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। डीएम ने आवेदकों से मिलने से इनकार कर
दिया। इस पर ये लोग नारेबाजी करने लगे। कोतवाल नागेश मिश्र ने डीएम आवास पर
मौजूद आवेदकों को खदेड़ दिया। इससे पूरे दिन आवेदक इधर से उधर चक्कर काटते
रहे।
मेरिट सूची में विभागीय मिलीभगत से काफी गड़बड़ियां की गई
हैं। प्रथम, द्वितीय और तृतीय काउंसलिंग को छोड़ कर सातवीं काउंसलिंग के
आवेदकों को सूची में शामिल कर लिया गया। इतना ही नहीं विकलांग कोटे में जिन
आवेदकों को बुलाया भी नहीं गया था, उनके नाम भी सूची में हैं। इससे पात्र
आवेदक वंचित हो गए।
गड़बड़ी करने के आरोप में पटल सहायक मनोज मिश्र
सहित तीन लोगों के विरुद्ध बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराने बेसिक शिक्षा
अधिकारी डा. बृजेश मिश्र कोतवाली गए थे, मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।
कोतवाल नागेश मिश्र ने बताया कि बीएसए तहरीर लेकर आए थे, मगर तहरीर में
गड़बड़ी थी। इसके अलावा डीएम ने जांच कमेटी बनाई हैै। कमेटी की जांच में जो
भी दोषी होगा, उसी पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी
को काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित कर आवेदकों को ज्वाइन न कराने के निर्देश
मंगलवार को मिली शिकायतों के बाद दिए थे। इसके बाद भी बुधवार को बीएसए ने
नियुक्ति पत्र बंटवा दिए। पूरे मामले की जांच डीडी एनआरएलएम को करने के
आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश मिश्रा, डीएम।