दुकान से तीन सौ मीटर दूर खेत में पड़े खाली डिब्बे देखते दुकानदार व अन्य लोग।
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कछौना (हरदोई)। रेलवे रोड पर स्थित प्रतिष्ठान विशाल ज्वैलरी और रेडीमेड गार्मेंट्स में चोरों ने रविवार सुबह साढ़े छह बजे के करीब घने कोहरे के बीच वारदात की। मुख्य गेट का ताला तोड़ने के बाद दुकान का शटर उठाकर अंदर घुसे चोरों ने 50 लाख रुपये के जेवर व नकदी चोरी कर ले गए। जेवरों के खाली डिब्बे दुकान से तीन सौ मीटर दूर खेत में पड़े मिले। पुलिस को शटर उठाने और ताला तोड़ने में इस्तेमाल किया गया प्लास व रॉड मौके से बरामद हुई है।
नगर के बस्ती निवासी विशाल गुप्ता की स्टेशन रोड पर नहर कोठी के सामने विशाल ज्वैलर्स एंड गारमेंट्स के नाम से प्रतिष्ठान है। शनिवार को कछौना में बंद रहती हैं। रविवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे कुछ लोग सैर के लिए निकले तो दुकान का शटर टूटा देख इसकी जानकारी विशाल को दी। विशाल, भाई अमित के साथ मौके पर पहुंचे। दुकान के अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। कुछ ही देर में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई। जांच के दौरान दुकान से 300 मीटर दूर जेवरों के खाली डिब्बे एक खेत में पड़े मिले। विशाल के मुताबिक दुकान से एक लाख पचास हजार रुपये, चालीस किलो चांदी और 150 ग्राम सोना चोरी हुआ है। तहरीर पुलिस को दी गई है।
घटना के दौरान चोर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी साथ ले गए। पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि खुलासा करने के लिए तीन टीमें गठित की गईं हैं।
घटना को अंजाम देने से पहले पी गई शराब
दुकान के पीछे खाली मैदान पड़ा है। जांच के दौरान पुलिस टीम को दुकान के पीछे स्थित मैदान और बाग में शराब की कई खाली बोतलें पड़ी मिलीं। यहां काफी सारी खाद्य सामग्री भी पड़ी मिली है। इससे लग रहा है कि वारदात को अंजाम देने से पहले यहां चोरों ने पार्टी की थी।
पड़ोसी रिश्तेदार के घर लगा दिया था ताला, किरायेदारों को नहीं लगी भनक
विशाल की दुकान के पड़ोस में ही उनके करीबी रिश्तेदार प्रकाशू का मकान है। घटना को अंजाम देने से पहले चोरों ने प्रकाशू के मकान में बाहर से ताला लगा दिया। सुबह जब वारदात का पता चलने पर भीड़ लग गई तो प्रकाशू ने मकान से बाहर निकलने की कोशिश की। इसी दौरान पता चला कि दरवाजे पर तो बाहर से ताला लगा है। इस पर ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया। विशाल की दुकान के ऊपर भी कुछ किरायेदार रहते हैं, लेकिन पूरी घटना के दौरान किराएदारों को कुछ पता ही नहीं चला।