जिले के नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं
औषधि प्रशासन हेमंत राव ने गुरुवार को क्षेत्र में निर्माणाधीन आईटीआई भवन
देखा और सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं और खंड विकास कार्यालय पर विकास
कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा भुगतान और जननी सुरक्षा
योजना के लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने की बात कही।
प्रमुख सचिव को
आईटीआई भवन की छतें टपकती मिलीं और कार्य में मानकों की सीधी अनदेखी देख कर
उनका पारा चढ़ गया। दोपहर में छतैयां रोड पर निर्माणाधीन आईटी कालेज
भवन की गुणवत्ता जांचने को प्रमुख सचिव ने मुआयना किया। उन्होंने सीढ़ी के
सहारे ऊपर चढ़ कर तथा कमरे और हाल में जाकर स्थिति देखी और मानकों की खुली
अनदेखी पर नाराजगी जताई।
छतों के टपकने और बीम में सरिया की चौड़ाई मानक से
काफी कम होने पर भी इंजीनियर को फटकार लगाई। साथ ही कार्यदाई संस्था
सीएनडीएस से निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष तवज्जो देने की बात कही।
खंड विकास कार्यालय पहुंचे प्रमुख सचिव ने मनरेगा, स्वच्छ शौचालय, इंदिरा
आवास, लोहिया आवास आदि योजनाओं की स्थिति देखी।
स्वयं कंप्यूटर कक्ष में
पहुंच कर उन्होंने मनरेगा भुगतान का जायजा लिया और इसमें विलंब पर नाराजगी
दिखाते हुए डीसी मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत से चौदह दिनों के भीतर भुगतान
कराने के निर्देश दिए। वर्ष 14-15 में इंदिरा आवासों की द्वितीय किश्त
प्राप्त न होने पर जारी कराने की बात कही तथा गत वर्ष 30 लोहिया आवासोें
में एक के अपूर्ण होने पर बोले कि इसे शीघ्र पूरा कराया जाए।
क्षेत्र में
तकनीकी खराबी से खराब पड़े तीन नलकूप ठीक कराने को भी उन्होंने मातहतों को
निर्देश दिए। पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की दशा जांचने पहुंचे प्रमुख
सचिव ने आपरेशन थिएटर, डिलीवरी कक्ष, वार्ड, पर्चा एवं औषधि वितरण के साथ
ही वैक्सीन कक्ष की हालत देखी।
उन्होंने अधीक्षक डा. जितेंद्र श्रीवास्तव
से मुहैया दवाओं के साथ जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता देखी। इस दौरान
उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने
बताया कि जननी सुरक्षा योजना व मनरेगा के भुगतान में तेजी लाई जाने की
जरूरत है। सीएचसी पर सब ठीक ठाक पाया गया।