फतेहपुर। जनपद के महाठग राजेश मौर्य समेत अन्य चिटफंड कंपनियों के खिलाफ निवेश करने वाले पीड़ितों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। सैकड़ों की संख्या में वह कई दिनों से नहर कॉलोनी में धरने पर बैठे हैं।
सुनवाई न होने पर सोमवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। कोई समाधान न मिलने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खजुरिहापुर निवासी राजेश मौर्या व उसकी पत्नी पूजा वर्मा ने मिलकर लोगों का पैसा लूटा है। चिटफंड कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया है। इसमें से 150 करोड़ रुपये सिर्फ जनपदवासियों का है।
उसके अलावा सहारा, रोजवैली समेत 25 से ज्यादा कंपनियों ने भी 10 लाख जनपदवासियों का 500 करोड़ रुपये से अधिक रुपये हड़पे हैं। इन सभी घोटालेबाज कंपनियों के खिलाफ सभी निवेशक संयुक्त रूप से संगठन बनाकर धरना दे रहे हैं। वह शहर स्थित नहर कॉलोनी में 50 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अधिकारियों ने उनके आवेदन लेने के लिए कलक्ट्रेट में एक काउंटर खोलने की बात कही थी, लेकिन काउंटर न खुलने पर उन्होंने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने उनसे मुलाकात की है। हालांकि किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे और कोई सकारात्मक हल नहीं निकल सका है।
-राजेश व उसकी पत्नी पूजा भेजे गए जेल
हाल ही में राजेश समेत उसकी पत्नी पूजा जेल भेजे गए हैं। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस ने राजेश को जून माह में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद चंद दिनों पहले उसकी पत्नी पूजा को कानपुर से गिरफ्तार किया गया। वह कानपुर में कमरा लेकर छिपकर रह रही थी।