सेमिनार में बोलते अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह।
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उद्योग कोई भी हो उसके चयन से लेकर उसका संचालन तक में जानकारी का अभाव नहीं रहना चाहिए। यदि हुआ तो लाभ के बजाए घाटा होगा। इसलिए उद्योग कोई भी क्यों न हो जानकारी अवश्य कर लें। यह विचार एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह ने व्यक्त किए।
वे बुधवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से एक होटल में निर्यातकों की क्षमता विकास योजना के तहत एक दिवसीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार उद्यमियों के लिए लाभ दायक सिद्ध होगा।
उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश कानपुर के संयुक्त आयुक्त उद्योग एनके सिंह ने निर्यात क्या है, निर्यात से लाभ, निर्यातक द्वारा उत्पाद चयन की प्रक्रिया एवं विपणन के संबंध के बारे में जानकारी दी। कहा कि उद्यमियों को सहयोग दिया जाएगा। इसमें उद्यमियों को निर्यात क्या है इससे लाभ कैसे मिलेगा की विस्तार से जानकारी दी गई। डीडीएम नाबार्ड राजीव मोहन ने वन औषधियों के निर्यात की बात कही।
अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक आफ इंडिया पीके सिंह ने विदेशी मुद्रा विनिमय के लिए बैंक में सुविधा देने की की बात कही। फेडरेशन आफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन कानपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाईएस गर्ग ने निर्यातक बनने के लिए संगठन चयन एवं औपचारिकताएं, पैकेजिंग एवं ट्रांसपोर्ट पर विस्तार से प्रोजेक्टर के माध्यम से चर्चा की।
एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर राकेश चंद्रा ने भारत सरकार से निर्यात इकाइयों को दी जाने वाली सुविधाओं के विषय में अवगत कराया। इस मौके पर प्रमुख रूप से भूतपूर्व उपायुक्त उद्योग अशोक यादव, उपायुक्त उद्योग एसके मिश्रा, रमेश चंद्र पाठक, मन्नी लाल शाह, प्रदीप कुमार गुप्ता, रेहान कमर आदि मौजूद रहे।