हरदोई। सहालग शुरू होते ही बाजारों में रौनक लौट आई लेकिन महंगाई ने बाबुल की जेब पर बिटिया की शादी का खर्च बढ़ा दिया है। शादी के लिए महत्वपूर्ण पीतल के बर्तनों की कीमतों में इस बार भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बीते कुछ महीनों की तुलना में पीतल के बर्तनों के दाम 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। इसके चलते मध्य वर्गीय परिवारों की शादी ब्याह का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
पीतल की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर अब शादी विवाह के बजट पर भी पड़ने लगा है। पहले जहां लोग बेटियों की शादी में भारी-भरकम पीतल की परात, कलश, जंगाल, चमचा और खाना बनाने के बड़े बर्तन मान-सम्मान के प्रतीक के रूप में देते थे, वहीं, अब चलन बदल गया है। शादी के लिए लोग खरीदारी तो कर रहे लेकिन अब पीतल के बर्तन सिर्फ शगुन तक ही सीमित रह गए हैं। छोटा चौराहे पर बर्तन की दुकान संचालित कर रहे व्यापारी राजेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि ग्राहक दुकान पर तो आ रहे लेकिन रेट सुनते ही उनके तेवर बदल जाते हैं, जो लोग पहले 10 किलो से 12 किलो के बर्तन खरीदते थे वे अब केवल पांच या छह किलो के हल्के बर्तनों की मांग कर रहे हैं। अब खरीदारी जरूरत से ज्यादा शगुन निभाने के लिए की जा रही है।
कुछ महीनों में ही बढ़ी कीमतें
पीतल के बर्तनों की कीमतें भी काफी बढ़ गई हैं। पिछले मुहूर्त में हुई शादियों में पीतल के बर्तन की कीमत 600 से 650 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं, अब बढ़कर 900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। बढ़ी कीमतों के कारण ही लोग अब हल्के बर्तन खरीदने को मजबूर हैं। व्यापारी रामहेत गुप्ता ने बताया कि लोग खरीदारी करने आ रहे हैं लेकिन कीमतें सुनकर वह पहले ही कम से कम वजन के बर्तन रखने की डिमांड करते हैं।
स्टील और फाइबर की ओर बढ़ा रुझान
पीतल के दाम आसमान छूने के कारण अब लोग विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। गिफ्ट देने के लिए लोग पीतल की जगह स्टील के सेट या फिर फाइबर के डेकोरेटिव बर्तनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। खरीदारी करने आए राकेश का कहना है कि रीति-रिवाज पूरे करना मजबूरी है लेकिन सीमित बजट में पीतल के बर्तनों का सेट खरीदना अब बस से बाहर होता जा रहा है।