सरकार से गरीबों को दिए जाने वाले आवासों में
अनियमितता के चलते तमाम जरूरतमंदाें की आशाओं पर ग्रहण लग गया है। इंदिरा
आवास योजना में वर्ष 14-15 के आवासों को द्वितीय किश्त ही नहीं जारी की गई।
जिससे निर्धारित लक्ष्य से अभी तक कोई आवास पूरा नहीं हुआ।
ऐसे में पक्के
आशियाने की आस में बैठे तमाम जरूरतमंद अब विभाग के चक्कर काटने को मजबूर
हैं। उधर, सरकार से द्वितीय किश्त पर रोक के बाद अब सत्यापन कराने की
बात कही जा रही है। ज्ञात हो कि कच्चे मकान अथवा आवासविहीनों को पक्का मकान
बनाने के लिए सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना से धनराशि दी जाती है।
इंदिरा आवास योजना के लिए चयनित पात्र को 70 हजार रुपये की धनराशि मिलती
है। चयनित पात्रों को प्रथम किश्त में 35 हजार रुपये और आधा काम हो जाने के
बाद निर्माणाधीन आवास की फोटोग्राफ अपलोड करने के बाद शेष आधी राशि मिलती
है।
ज्ञात हो कि इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 14-15 में कुल
17,772 पात्रों का चयन कर लाभान्वित किया गया। इसके बाद सभी विकास खंडों
से पात्रों को चयनित कर उनके खातों में प्रथम किश्त की राशि भेज दी गई।
तमाम विकास खंडोें के पात्रों द्वारा अपने आवासों में आधा निर्माण भी कार्य
करा लिया और अब शेष धनराशि मिलने के बाद आधा निर्माण कार्य कराया जाना है,
पर पात्रों को आधी धनराशि मिलती, इसके पूर्व ही सरकार ने द्वितीय किश्त पर
रोक लगा दी।
इस मामले में जानकारी की गई तो बताया गया कि इंदिरा आवास
योजना में तमाम शिकायतें शासन तक पहुंच गई हैं, जिसमें अपात्रों को
लाभान्वित करने की बात सामने आई है। ऐसे ही मामलों को देखते हुए आगे की
राशि नहीं दी गई। जिससे अब स्थिति यह है कि जनपद में वित्तीय वर्ष 14-15
में लक्ष्य के सापेक्ष कोई भी आवास पूर्ण नहीं हो पाया है।
हालांकि, यह
बताया जा रहा कि अब धनराशि जारी करने से पहले आवासों का सत्यापन कराया
जाएगा। उधर, इस बाबत परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिल सिंह ने बताया कि जनपद
से रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि शासन से ही पात्रों को धनराशि
भेजी जाएगी।