हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अपात्रों को आवास आवंटित कराने व अनुशासनहीनता पर तीन ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोक दी गई है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने जांच में गड़बड़ी की पुष्टि और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने दो वीडीओ को सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी है।
डीडीओ अरविंद कुमार ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं व कार्यक्रमों में मनमानी, अधिकारियों के फोन न रिसीव करने व क्लस्टर की ग्राम पंचायतों में काम कराने की रिपोर्ट पर कार्रवाई की है। बताया कि विकास खंड भरखनी में तैनात ग्राम विकास अधिकारी इखलाख रसीद सिद्दीकी के संबंध में बीडीओ ने रिपोर्ट दी है कि वह साप्ताहिक बैठकों में प्रतिभाग नहीं करते हैं। फोन भी रिसीव नहीं करते हैं। बीडीओ की रिपोर्ट पर ग्राम विकास अधिकारी इखलाक रसीद सिद्दीकी की एक वार्षिक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोक दी गई है। चेतावनी दी गई है कि भविष्य में कार्य पद्धति में सुधार न होने पर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि विकास खंड अहिरोरी के महुईपुरी के मजरा तारापुरवा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी मीना सिंह की भी वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाते हुए सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है। वीडीओ ने तारापुरवा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लक्ष्मी देवी पत्नी अरुण कुमार के पात्र होने के बाद भी अपात्र दिखाकर केस रिमांड कयसा गया था। ऐसे ही मदारा में कमलेश्वरी पत्नी देशराज, अनीता पत्नी अमरीश, सुशीला पत्नी कमलेश, सुनीता पत्नी हरिकिशोर के पात्र होने के बाद भी योजना से वंचित रखा गया था।
बताया कि विकास खंड संडीला के लूमामऊ में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अनुराग यादव ने खुशीराम, नाजिमा पत्नी फिरोज व मवई मुसलामानान में जगरूप, पंकज के अपात्र होते हुए भी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिलाया गया। शासकीय राशि की क्षति और सूची में शामिल पात्र परिवार लाभ से वंचित रह गए। ग्राम विकास अधिकारी अनुराग यादव की एक वार्षिक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोक दी गई है।