कुदरत के कहर से बर्बाद किसानों पर अब अफसरों की
लापरवाही भारी पड़ रही है। आस पास के जिलों में जहां शासन ने दैवीय आपदा
बजट जारी कर दिया, वहीं जिले में अभी फूटी कौड़ी नहीं मिली। अफसरों का कहना
है कि प्लाट टू प्लाट सर्वे होने के बाद भी नुकसान का सही आकलन सामने
आएगा।
पहले सूखे ने किसानों को बर्बाद किया अब बेमौसम बारिश व तेज
हवाओं ने रवी की फसल को भी बर्बाद कर दिया। शासन के निर्देश पर जिला
प्रशासन ने अपनी पहली रिपोर्ट में 20 से 25 फीसदी नुकसान के आकलन की
रिपोर्ट भेजी थी, पर बाद मेें प्लाट टू प्लाट सर्वे के आदेश पर जिला
प्रशासन ने सभी तहसीलों के एसडीएम को तहसील स्तर पर आंकड़े जुटाने के
निर्देश दिए।
सूत्रों के अनुसार, जिले के 3,47,009 हेक्टेयर क्षेत्रफल में
तैयार की गई रवी की फसल में सर्वाधिक नुकसान गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों
को हुआ है। इसमेें करीब 90,894 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल प्रभावित हुई है,
जो कुल फसल 28 फीसदी हो रही है।
पर, किसानों का दावा है कि करीब 50
फीसदी से ऊ पर से फसल बर्बाद हुई है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से खेतों
मेें शेष फसल भी प्रभावित हुई। इसके बाद अभी तक जिला प्रशासन मौखिक नुकसान
का आकलन भी नहीं कर पाया।
बताया जाता है कि आस पास के जनपदों ने अनुमानित
नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई और राहत का ऐलान भी उसी के हिसाब से
शासन ने कर 30 से 40 फीसदी तक बजट आवंटित भी कर दिया, पर अभी तक जिले को इस
मद में फूटी कौड़ी तक नहीं मिली।
उध्ार, डीएम रमेश्ा मिश्र ने बताया कि जिन जिलों में बारिश के
साथ ओलावृष्टि हुई थी, वहां 50 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान हुआ है, जिससे
उन जिलों से अनुमानित तौर पर नुकसान का आकलन पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई
थी, पर हरदोई में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे किसान की फ सल खराब हुई।
बताया कि नुकसान का प्लाट टू प्लाट सर्वे किया जा रहा है। एक हफ्ते में रिपोर्ट आने
पर नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद जो भी बजट
मिलेगा उसे नियमानुसार वितरित कराया जाएगा।