हरदोई। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन अब खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। शहर से लेकर गांव तक जन आरोग्य मेलों में चिकित्सक पहुंच ही नहीं रहे। केंद्र का अन्य स्टाफ मरीजों को दवा बांट रहा है। ऐसे में लोगों को जन आरोग्य मेले का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
रविवार को आयोजित हुए जन आरोग्य मेले की पड़ताल की गई तो एक पीएचसी पर चिकित्सक मौजूद नहीं मिले तो दूसरा अर्बन पीएचसी दो बजे से पहले बंद मिला। चिकित्सकों के न पहुंचने से मरीजों ने भी आरोग्य मेलों से दूरी बना रखी है। इक्का दुक्का सर्दी व खांसी के मरीज पहुंचते हैं तो स्टाफ उन्हें दवा देकर चलता कर देता है। जिम्मेदारों की मनमानी के चलते लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है।
सीन-1- विकास खंड बावन की ग्राम पंचायत भरिगवां स्थित न्यू पीएचसी पर लगे आरोग्य मेले में दोपहर 12:40 पर स्टाफ नर्स श्वेता शुक्ला और वार्ड ब्वॉय ही मिले। सुबह 10 बजे से लेकर 12.40 बजे तक 15 मरीज रजिस्टर पर दर्ज मिले। यहां की चिकित्सक सौम्या शुक्ला मेडिकल लीव पर बताई गईं, जबकि अन्य स्टाफ में फार्मासिस्ट मौजूद मिले और एलटी नहीं दिखे। जानकारी करने पर कोई सीएचसी बावन पर होना बताया गया तो दूसरे को ट्रॉमा सेंटर से अटैच होना बताया गया। चिकित्सक न होने से अब जैसे तैसे मरीज ही पहुंच रहे हैं।
सीन-2- अर्बन सीएचसी नटवीर पुलिया पर चिकित्सक और स्टाफ नहीं मिला। आरोग्य मेले का संचालन वैसे तो सुबह 10 से शाम चार बजे तक है, लेकिन कई स्थानों पर दो बजे ही बंद कर दिया जाता है। शहर स्थित अर्बन पीएचसी नटवीर पुलिया पर दोपहर को 1:45 पर पीएचसी के दरवाजे पर ताला लटका मिला। हालांकि, जानकारी की गई तो सुबह पीएचसी के खुलने की बात बताई गई। वैसे अभी पीएचसी पर चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसे में स्टाफ ने भी खानापूर्ति कर समय से पहले ही पीएचसी बंद कर आरोग्य मेला से इतिश्री कर ली।
पीएचसी पर आरोग्य मेलों का आयोजन कराया जा रहा है, अगर किसी स्थान पर चिकित्सक होने के बाद भी नहीं पहुंच रहे हैं तो जानकारी की जाएगी। समय से पहले बंद सीएचसी के बारे में भी पता करेंगे। -डॉ. धीरेंद्र सिंह, प्रभारी, मुख्य चिकित्साधिकारी,